लोकायुक्त के शिकंजे में फंसा प्रभारी बाबू, रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार

प्रभारी बाबू नारायण सिंह रावत का पुत्र स्वयं रजिस्ट्रार कार्यालय में सर्विस प्रोवाइडर के रूप में काम करता है।

रिश्वत

उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन जिले (Ujjain District) में लोकायुक्त (Ujjain Lokayukt Police) ने बड़ी कार्रवाई की है।यहां टीम ने एक पंजीयक कार्यालय के भृत्य (Registrar Office) को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।यह कार्रवाई मकान की सत्यापित रजिस्ट्री की प्रति निकालने के एवज में रिश्वत मांगने पर की गई है। टीम ने प्रभारी बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, तराना निवासी शैलेंद्र पंवार ने अपने चाचा कमल सिंह के मकान की सत्यापित प्रतिलिपि निकालने के लिए पंजीयक कार्यालय में 12 मार्च को आवेदन किया था। इसके एवज मे कार्यालय के भृत्य नारायण सिंह रावत ने 4 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।जिसकी शिकायत शैलेंद्र ने उज्जैन लोकायुक्त से की थी।मामले की जांच के बाद गुरुवार देर शाम टीम ने योजना बनाकर शैलेन्द्र को पैसे लेकर कार्यालय भेजा और जैसे ही नारायण ने पैसे लेने के लिए हाथ बढ़ाए टीम ने पीछे से 3 हजार की रिश्वत लेते हुए भृत्य को रंगे हाथों दबोच लिया ।

बता दे कि प्रभारी बाबू नारायण सिंह रावत का पुत्र स्वयं रजिस्ट्रार कार्यालय में सर्विस प्रोवाइडर के रूप में काम करता है। सुत्रों की मानें तो रजिस्ट्री अथवा उससे जुड़े किसी भी कागज व नकल के बदले उसके बेटे द्वारा लोगों को फंसाकर काम के बदले 4 से 5 हजार रुपये तक लिये जाते थे। इसकी शिकायत पहले भी कई बार कार्यालय के अधिकारियों के पास पहुंच चुकी थी लेकिन उस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन शुक्रवार को लोकायुक्त के अधिकारियों ने शिकायत मिलते ही कड़ी कार्रवाई कर दी है।