Ujjain : अनोखी शादी, दूल्हा-दुल्हन को उपहार में दी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन, 8 वचन लिए

उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। देश भर में कोरोना की दूसरी लहर से पैदा हुए हालात और उस दौरान आयी इमरजेंसी से सबक लेते  हुए अब कई परिवार परम्पराओं को बदल रहे हैं और उन जरूरी सामान को अहमियत दे रहे है जो जीवन रक्षक बनकर खुदके और दूसरों के काम आये। उज्जैन के गोयल परिवार ने अपनी बिटिया की शादी में दूल्हा दुल्हन को दहेज़ के रूप में एक लाख चालीस हजार रुपए की कीमत की एक नहीं दो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन उपहार में दी। यही नहीं, दूल्हे से सात के बाद आठवां वचन भी लिया जिसमें समाज की सेवा करने और शादी में मिली ऑक्सीजन मशीन को जरुरतमंदों को मुफ्त में देने की बात शामिल थी।

Ujjain : अनोखी शादी, दूल्हा-दुल्हन को उपहार में दी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन, 8 वचन लिए

बीते एक वर्ष से कोरोना काल में लोगों का जीवन बदल गया है। पहले आम लोगों का घर बाहर निकलना बंद हुआ, फिर रहन सहन के तरीकों में बदलाव हुआ और इसी के साथकई परम्पराएं भी कोरोना ने बदल दी। अक्सर शादियों में दूल्हा दुल्हन को टीवी, फ्रीज, घर का सामान, गहने सहित केश देना आम बात है। लेकिन अम्बोदिया के अंकित ग्राम में हुई एक शादी ने इस आपदाकाल से सबक लेते हुए मिसाल पेश की है। इस शादी में कोरोना की दूसरी लहर का असर साफ़ तौर पर देखने को मिला। उज्जैन निवासी अंकित आश्रम के संचालक सुधीर भाई गोयल की बड़ी बेटी मोनिका की शनिवार को शादी हुई। पुणे में असिस्टेंट सीए के पद पर काम करने वाला दूल्हा अंकित महाराष्ट्र यवतमाल से बारात लेकर आया। इस मौके पर वधू पक्ष की तरफ से शादी में फेरे से पहले दूल्हा दुल्हन को दो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनें उपहार के रूप में दी गयी।

हिंदू रीति रिवाज के अनुसार शादी में दूल्हा दुल्हन को सात वचन दिलवाए जाते हैं। लेकिन अंकित और मोनिका की शादी में दूल्हे ने आठ वचन लिए। आठवां वचन समाज सेवा का लिया गया। दरअसल दुल्हन पिछले 25 वर्षो से सेवधाम आश्रम में मूक बधिर और बेसहारा बच्चों की सेवा में जुटकर समाज सेवा कर रही है। इसलिए दूल्हे ने भी समाज सेवा का संकल्प लिया और ऑक्सीजन मशीन को भी समाज सेवा में देने का संकल्प लिया। उज्जैन के गोयल परिवार में हुई इस अनोखी शादी धूमधाम से तो हुई लेकिन कोविड गाइड लाइन का पूरी तरह पालन भी किया गया। इस शादी में जहां समाज सेवा का जज्बा देखने को मिला वहीं पर्यावरण प्रेम का उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया। महाराष्ट्र से बारात में आये सभी 20 बारातियों से अंकित धाम में पौधे लगवाए गए और अन्य लोगों को भी वृक्षारोपण की प्रेरणा देने का संकल्प लिया।