लाखों पेंशनरों के लिए महत्वपूर्ण खबर, जल्द खत्म होगा पेंशन का इंतजार, जानें कब खाते में आएगी राशि?

आपको बता दे कि उत्तराखंड के समाज कल्याण विभाग की ओर से हर महीने बुजुर्ग, दिव्यांगों व विधवाओं को 1500 रुपये पेंशन दी जाती है, वही किसानों को 1200 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है।

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Uttarakhand Pensioners pension News: उत्तराखंड के आठ लाख पेंशनर्स ( बुजुर्ग, दिव्यांगों, विधवाओं, परित्यक्ता व किसानों) के लिए काम की खबर है।पेंशन राशि पर नया अपडेट आया है। खबर है कि समाज कल्याण विभाग की ओर से जल्द पेंशन राशि जारी की जाएगी।इसके लिए राज्य शासन से बजट की मांग की गई है। बजट मिलते ही सभी लाभार्थियों के खातों में पेंशन भेजने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। संभावना है कि जून से पहले सभी पेंशनरों के खातों में पेंशन भेजी जा सकती है।

1200 से 1500 रुपए तक मिलती है पेंशन

जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड के समाज कल्याण विभाग की ओर से हर महीने बुजुर्ग, दिव्यांगों व विधवाओं को 1500 रुपये पेंशन दी जाती है, वही किसानों को 1200 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है।आमतौर पर यह राशि हर माह के पहले हफ्ते में ही पेंशनर्स के खाते में भेज दी जाती है, लेकिन इस महीने 20 दिन बीत जाने के बावजूद अबतक पेंशन नहीं मिली है।

बजट जारी ना होने के चलते हो रही देरी

जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 शुरू होने के बावजूद अबतक राज्य शासन की ओर से बजट जारी नहीं हुआ है, जिसके चलते लाभार्थियों को समाज कल्याण विभाग द्वारा अप्रैल की पेंशन जारी नहीं की गई है।हालांकि बजट जारी होते ही पेंशन की राशि खातों में जारी कर दी जाएगी । बता दे कि पहले पेंशनर्स को तीन महीने में एकमुश्त पेंशन दी जाती थी, लेकिन हाल ही में सीएम पुष्कर सिंह धामी के फैसले के बाद लाभार्थियों को हर माह पेंशन जारी करने का प्रावधान किया गया है, लेकिन बीते एक महीने की पेंशन का लाभार्थियों को भुगतान नहीं किया गया है।


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Pooja Khodani

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)