Ayushman Bharat Yojana पर बड़ी अपडेट, सरकार बढ़ा सकती है बीमा कवर की राशि

बीमा कवर की राशि बढ़ने की चर्चा के बीच एक चर्चा ये भी चल रही है कि सरकार अब आयुष्मान भारत योजना में 70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को भी शामिल कर सकती है और उन्हें मुफ्त इलाज मिल सकेगा, संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस बात का उल्लेख भी किया था।

Atul Saxena
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Ayushman Bharat Yojana

Ayushman Bharat Yojana: तीसरी बार लगातार देश का नेतृत्व कर रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का पहला पूर्व बजट आने वाला है, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को पूर्ण बजट संसद में पेश करेंगी। देश के लोगों को वित्त मंत्री से बहुत अपेक्षाएं है, खासकर युवा, किसान और कम आय वर्ग वाले वित्त मंत्री से कुछ अच्छे ऐलान की उम्मीद कर रहे हैं, उधर एक खबर ये सामने आ रही है कि मोदी सरकार आयुष्मान भारत योजना के लाभान्वितों के लिए कोई खुशखबरी दे सकती है, चर्चा है कि योजना के तहत बीमा कवर की राशि दोगुनी यानि 10 लाख तक हो सकती है। इसके अलावा 70 साल से अधिक के बुजुर्गों को भी इस योजना में शामिल किये जाने की चर्चा है।

आयुष्मान भारत योजना के तहत अभी कार्डधारक को 5 लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है वो किसी भी अस्पताल में जाकर अपना इलाज करवा सकता है और उसके खर्चे का भुगतान सरकार अस्पताल को करेगी, योजना शुरू होने के बाद से अभी तक लाखों लोग इस योजना का लाभ ले चुके हैं और अभी भी लाभ ले रहे हैं अब चर्चा बीमा कवर की राशि बढ़ाने की चल रही है।

10 लाख तक हो सकता है बीमा कवर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार बीमा कवर की राशि दोगुनी करने पर विचार कर रही है यानि ये 5 लाख की जगह 10 लाख हो जाएगी और यदि ऐसा होता है तो सरकार पर करीब 12,076 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा, यदि ऐसा होता है तो देश की एक बड़ी आबादी को सरकार की तरफ से बहुत बड़ी मदद होगी, उम्मीद है कि सरकार इस बजट में ऐसी कोई घोषणा कर सकती है।

70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग योजना में हो सकते हैं शामिल

बीमा कवर की राशि बढ़ने की चर्चा के बीच एक चर्चा ये भी चल रही है कि सरकार अब आयुष्मान भारत योजना में 70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को भी शामिल कर सकती है और उन्हें मुफ्त इलाज मिल सकेगा, संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस बात का उल्लेख भी किया था।


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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