आखिर क्यों करना पड़ा भैंस का DNA, वजह जानकर रह जायेंगे हैरान

आखिर क्यों करना पड़ा भैंस का DNA, वजह जानकर रह जायेंगे हैरान

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट।  इंसान के बच्चों के असली माता पिता का पता करने के लिए DNA टेस्ट आपने सुना होगा लेकिन  कभी किसी पशु का DNA (Animal DNA) टेस्ट सुना है ? नहीं सुना ना, तो हम आज आपको इसकी जानकारी देते है कि ऐसा हुआ है।

ये मामला उत्तर प्रदेश के शामली (Shamli News) का है, जहाँ भैंस और उसके बच्चे का DNA टेस्ट हुआ है। मामला भैंस के बच्चे की चोरी से जुआ है। दर असल शामली जनपद के झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव में रहने वाले पशुपालक चंद्रपाल कश्यप के घर से दो साल पहले 25 अगस्त 2020 को भैंस का बच्चा चोरी हो गया था।

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उन्होंने बहुत तलाश किया, जब बच्चा नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवा दी।  इसी दौरान कुछ समय पहले उन्हें मालूम चला कि उनकी भैंस का बच्चा सहारनपुर के बीनपुर गांव में है।  चंद्रपाल कश्यप उस घर में पहुंचे और अपनी भैंस के बच्चे को वापस देने के लिए कहा लेकिन जिनके घर बच्चा था उन्होंने लौटने से इंकार कर दिया।

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चंद्रपाल कश्यप फिर पुलिस के पास पहुंचे और उन्होंने पूरी घटना बताई, पीड़ित ने बच्चा वापस नहीं किये जाने पर  पुलिस, प्रशासन के आला अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखकर शिकायत कर दी। मामला बढ़ता देख शामली के एसपी सुकीर्ति माधव ने भैंस और उसके बच्चे का DNA टेस्ट कराने के आदेश दे दिए।

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आदेश के बाद पशु चिकित्सकों की टीम ने भैंस और उसके बच्चे का DNA (Buffalo DNA test) टेस्ट कर लिया है, अब इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही तय हो पायेगा कि चंद्रपाल जिसे अपनी भैंस का बच्चा बता रहे हैं वो वही है कि नहीं। बहरहाल भैंस के DNA का मामला अब शामली से निकलकर उत्तरप्रदेश और उसके बाहर चर्चा का विषय जरूर बन गया है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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