EPFO : कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए राहत भरी खबर, नियमों में बड़ा बदलाव, अब नॉमिनी को आसानी से मिलेगा पैसा! जानें पूरी डिटेल्स

ईपीएफओ ने कहा कि किसी की मौत के बाद आधार में दी गई जानकारी को ठीक नहीं किया जा सकता है, इसलिए अब भौतिक सत्यापन कर नॉमिनी को पैसों का भुगतान कर दिया जाएगा

EPFO PF

EPFO Rule Change : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के कर्मचारियोंऔर खाताधारकों के लिए अच्छी खबर है। ईपीएफओ ने पीएफ खाताधारकों के लिए डेथ क्लेम के नियम में बदलाव किया गया है। अब नए नियम के मुताबिक, अब अगर किसी ईपीएफओ सदस्य की मौत हो जाती है तो आधार जानकारी के बिना भी नॉमिनी को पीएफ की रकम मिल सकेगी।

क्या कहता है नया नियम

ईपीएफओ ने कहा कि अगर किसी की मौत हो जाती है तो उसका PF खाता आधार से जुड़ा नहीं है या फिर आधार कार्ड में दी गई डिटेल्स, PF खाता के साथ दी गई जानकारी से नहीं मिलती है, तो भी उस खाता धारक के पैसों का भुगतान नॉमिनी को कर दिया जाएगा।ईपीएफओ ने डेथ क्‍लेम से संबंधित नियम में बदलाव नॉमिनी को पैसा मिलने में हो रही दिक्‍कतों को देखते हुए लिया गया है।

भौतिक सत्यापन कर होगा नॉमिनी को पैसों का भुगतान

ईपीएफओ ने कहा कि किसी की मौत के बाद आधार में दी गई जानकारी को ठीक नहीं किया जा सकता है, इसलिए अब भौतिक सत्यापन कर नॉमिनी को पैसों का भुगतान कर दिया जाएगा। पैसे के हकदार नॉमिनी या परिवार के सदस्य की सत्यता की पूरी जांच की जाएगी। हालांकि, इसके लिए क्षेत्रीय अधिकारी की इजाजत अनिवार्य होगी। क्षेत्रीय अधिकारी के मुहर के बाद PF की रकम का भुगतान नॉमिनी को किया जाएगा।

किन पर लागू होगा यह नियम

नया नियम उन ईपीएफओ मेंबर पर लागू होगा जिनका डिटेल्स यूएएन में सही है लेकिन आधार कार्ड में गलत है। दूसरे शब्दों में कहे तो यह नियम उस स्थिति में लागू होगा, जब PF खाता धारक की आधार पर दी गई जानकारी गलत होगी। अगर सदस्य की जानकारी ईपीएफओ UAN के पास गलत होगी, तब पैसों के भुगतान के लिए दूसरी प्रक्रिया का पालन करना होगा।


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Pooja Khodani

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)