Women’s Reservation Bill: महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई 22 जनवरी को की जाएगी। इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से कोई वकील मौजूद नहीं था, जिसके कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई थी। नारी शक्ति वंदन कानून 20 सितंबर को लोकसभा और 21 सितंबर 2023 को राज्यसभा से पारित किया गया था।
पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2023 में इस मामले में नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया था और कहा था कि -‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक 2023 के प्रावधान को रद्द करना बहुत मुश्किल होगा, क्योंकि यह महिलाओं के लिए 33% कोटा देता है। उन्होंने कहा कि जनगणना और परिसीमन की कवायद होने तक विधेयक लागू नहीं किया जाएगा।’

नारी शक्ति वंदन कानून के तहत, महिलाओं को लोकसभा और राज्यसभा में आरक्षित सीटों पर 33% की आरक्षण प्रदान की गई है। यह आरक्षण सात वर्षों तक होगा, जिसके बाद इसे फिर से आरक्षित करने के लिए संविधान में संशोधन किया जाना होगा। महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से बूस्ट करने के उद्देश्य से इस विधेयक को लागू किया गया है।
याचिका के तहत, महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने की मांग की जा रही है, जिससे महिलाओं को समाज में अधिक भागीदारी मिले और उनकी साकारात्मक भूमिका को बढ़ावा मिले। इस सुनवाई की प्रतीक्षा महिला अधिकार वक्ताओं और समर्थनकर्ताओं के बीच बढ़ती हुई है, जो इसे एक महत्वपूर्ण क्षण बना रहे हैं।