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National Doctors Day 2023: जानें कैसे हुई डॉक्टर डे की शुरुआत, इस बार की थीम व महत्व

Written by:Sanjucta Pandit
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National Doctors Day 2023 : देशभर में आज राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस मनाया जा रहा है। डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी देशों के समाजों में अनमोल रत्न हैं जो मानव सेवा करके जीवन बचाते हैं। रोगियों को स्वस्थ बनाने का प्रयास करते हैं। यह दिन एक जश्न मनाने का अवसर है जब हम उनके प्रशंसा करके उनकी सामरिकता और सेवाभाव को समर्थन करते हैं। विश्व महामारी कोरोनावायरस संकट के समय डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण और महत्वपूर्ण योगदान और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना बहुत महत्वपूर्ण है। तो चलिए आपको बताते हैं आज के दिन का इतिहास, थीम व महत्व…

डॉक्टर्स डे का इतिहास

नेशनल डॉक्टर्स डे का आयोजन 1 जुलाई 1991 से शुरू हुआ था और इसे डॉ. बिधान चंद्र रॉय के समर्पण में रखा गया है। उनका जन्म 1 जुलाई 1882 को बिहार के पटना शहर में हुआ था। उन्हें सन् 1976 में भारत रत्न पुरस्कार से नवाजा गया था, जिससे उनके महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता और सम्मान मिला। इसलिए हर साल 1 जुलाई को ‘डॉक्टर्स डे’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है, जो डॉक्टरों के योगदान को गर्व और सम्मान से याद करने का अवसर प्रदान करता है।

नेशनल डॉक्टर्स डे का महत्व

नेशनल डॉक्टर्स डे एक महत्वपूर्ण अवसर है जब हम डॉक्टरों के काम, सेवा, योगदान को मान्यता और सम्मान के साथ याद करते हैं। डॉक्टरों की भूमिका हमारे जीवन के हर मोड़ पर महत्वपूर्ण होती है। चाहे वह बच्चे के जन्म की देखभाल हो या हेल्दी लाइफस्टाइल जीने के लिए सलाह और उपचार हो। डॉक्टर्स डे हमें इस बात का आदर्श प्रदर्शन करता है कि हमें डॉक्टरों की महत्वपूर्णता और उनके सेवाओं के प्रति आभार रखना चाहिए।

2023 की थीम

“फैमिली डॉक्टर्स ऑन द फ्रंट लाइन” इस बार की थीम के रूप में चुनी गई है। यह थीम दिखाती है कि परिवारिक डॉक्टर्स, जो सीमित समय में अपने मरीजों के साथ जुड़े रहते हैं, परिवारों के लिए कितने महत्वपूर्ण होते हैं। वे आपके चिकित्सा की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ आपके साथी और सहयोगी भी होते हैं।

जागरूकता प्रोग्राम किए जाते हैं आयोजित

भारत में हर साल 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन इस अवसर का उपयोग करके विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती है। यह दिन भारतीय डॉक्टरों के सामरिक काम और उनके योगदान की मान्यता करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन विभिन्न सेमिनार, कार्यशाला, चर्चा और स्वास्थ्य संबंधित जागरूकता प्रोग्राम आयोजित किए जाते हैं। यह गर्व का मोमेंट है।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit
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