काम की खबर : राशनकार्ड धारक फटाफट पूरे कर लें ये काम, वरना ब्लॉक हो जाएगा कार्ड, नहीं मिलेगा अनाज का लाभ!

अगर आप भी चाहते है कि आपके राशन की आपूर्ति बंद न हो और राशन कार्ड भी रद्द न हो और आपको अनाज मिलता रहे तो 15 जून तक ई-केवाईसी करा लें।

Ration Card Holder eKYC : बिहार के लाखों राशनकार्ड धारकों के लिए काम की खबर है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अब राशन कार्ड पर अंकित सभी पारिवारिक सदस्यों को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य हो गया है और इसकी अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है। अगर अबतक आपने eKYC नहीं करवाई है तो जल्द से जल्द करवा लें अन्यथा खाद्यान्न लाभ लेने से वंचित होना पड़ सकता है।वही राशन कार्ड रद्द या ब्लॉक भी हो सकते है।

15 जून से पहले करें ईकेवायसी

  • बिहार में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड उपभोक्ता को बार बार आधार से लिंक कराने के लिए कहा जाता है। वही ई-केवाईसी नहीं कराने पर संबंधित उपभोक्ताओं को राशन की आपूर्ति बंद कर दी जाती , राशन कार्ड भी रद्द कर दिए जाते हैं।जन वितरण प्रणाली दुकान पर जाकर उक्त प्रक्रिया पॉस मशीन के माध्यम से निशुल्क की जा सकती है।
  • अगर आप भी चाहते है कि आपके राशन की आपूर्ति बंद न हो और राशन कार्ड भी रद्द न हो और आपको अनाज मिलता रहे तो 15 जून तक ई-केवाईसी करा लें।अगर किसी के पास राशन कार्ड नहीं है, तो वे बनवा भी सकते हैं।अगर किसी लाभार्थी के पास आधार कार्ड नहीं है तो यह उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी।

eKYC से पता चलेगा कितने लाभुक ले रहे लाभ

बता दे कि अक्सर देखा जाता है कि कई उपभोक्ताओं की मृत्यु हो जाती है, फिर भी उनके नाम पर राशन मिलता रहता है। बहुत सारे उपभोक्ता राशन कार्ड बनवा कर बाहर चले जाते हैं और वे राशन नहीं ले पाते है उनके नाम का राशन डीलर के यहां शेष रह जाता है लेकिन जब सरकार द्वारा ई-केवाईसी करवाई जाती है तो पता चलता है कि वास्तव में कितने लाभुक हैं, जो राशन ले रहे हैं। इसमें फर्जी कितने है जो अभी तक राशन ले रहे है।


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Pooja Khodani

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)