Rajyog 2023: योगिनी एकादशी पर गजकेसरी समेत बने ये राजयोग, सफलता-धन का लाभ, करें ये उपाय, घर लाएं ये 3 चीजें, सभी मनोकामना होगी पूरी

Pooja Khodani
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Yogini Ekadashi/ Rajyog 2023 : हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। हर महीने दो बार एकादशी आती है- पहली कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में। आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को योगिनी एकादशी कहते हैं। आज बुधवार को योगिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है, हालांकि एकादशी 13 जून सुबह 09 बजकर 28 मिनट से शुरू हो चुकी है और इसका समापन आज बुधवार सुबह 08 बजकर 48 मिनट पर होगा, लेकिन इसका पारण 15 जून को सुबह 05 बजकर 32 मिनट से 08 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।

एक साथ बने 3 राजयोग

खास बात ये है कि इस बार योगिनी एकादशी के दिन अत्यंत ही दो शुभ योग का निर्माण हो रहा है। योगिनी एकादशी को सूर्योदय के वक्त कुंडली में गजेकसरी और बुधादित्य राजयोग बन रहे हैं, जिसका लाभ कई राशियों को मिलेगा।योगिनी एकादशी पर चंद्रमा मेष राशि में होगा, वहीं गुरु भी मेष राशि में विराजमान है,  ऐसे में इस दिन गुरु और चंद्रमा की युति गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है। वहीं इस दिन सुबह शोभन योग भी रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु और चंद्रमा जब किसी राशि में साथ बैठे होते हैं तो गजकेसरी योग बनता है, जिसे बहुत शुभ फलदायी माना गया है। इसका लाभ उठाने के लिए आज पीली वस्तुओं का दान करें और विष्णु-शिव की पूजा करें।

इन उपायों को करने से मिलेगी सफलता

  1. मानसिक शांति के लिए योगिनी एकादशी का उपवास रखें। पूरे दिन और रात केवल जलीय आहार ग्रहण करें और शिव जी की उपासना करें। कम बोलें और गुस्सा न करें।
  2. शीघ्र नौकरी के लिएइस दिन लाल रंग का एक आसन लें, इसके चारों कोनों के पास एकमुखी दीपक जलाएं। आसन पर बैठकर संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ करें और नौकरी पाने की प्रार्थना करें।
  3. योगिनी एकादशी पर व्रत रखकर दोनों सुबह-शाम श्रीहरि का स्मरण करें।इस दिन गजेंद्र मोक्ष का पाठ करने से पितरों का संतुष्टि मिलती है और व्यक्ति के पाप धुल जाते हैं. पूर्वजों के आशीर्वाद से वंश में वृद्धि होती है।
  4. योगिनी एकादशी पर पीपल का पौधा लगाना बहुत माना गया है, इससे नौकरी में आ रही अड़चने खत्म होती है और धन आगमन होता है।
  5. योगिनी एकादशी के दिन एक डंठल वाला पान का पत्ता लें, अब इस पर कुमकुम से श्री लिख कर भगवान विष्णु को अर्पित करें और उनकी पूजा करें।पूजा खत्म होने के बाद इस पत्ते को लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रख लें। ऐसा करने से जल्दी नौकरी में प्रमोशन होता है। बिजनेस में भी नए अवसर खुलने लगते हैं।
  6. इस एकादशी पर भगवान कृष्ण को नारियल और बादाम का भोग लगाना भी बहुत फलदायी माना जाता है, इससे हर इच्छा पूरी होती है।
  7. योगिनी एकादशी के दिन शाम को घर के हर एक हिस्से में दीपक जलाने से भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी का भी आशीर्वाद मिलता है। मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से घर में कभी धन की कमी नहीं रहती है।
  8. पीपल के पेड़ में विष्णु भगवान का निवास माना जाता है, उन्हें प्रसन्न करने के लिए और उनका आशीर्वाद पाने के लिए योगिनी एकादशी के दिन पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाना चाहिए।
  9. इस एकादशी पर भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा करने के बाद पीले चंदन और केसर में गुलाब जल मिलाकर उनका तिलक करना चाहिए, ऐसा करने से हर काम पूरा होता है।

घर लाएं ये 3 चीजें, मिलेगा लाभ

  1.  सनातन शास्त्रों में भगवान विष्णु के 24 हंसावतार का उल्लेख है। अनादिकाल में भगवान विष्णु ने सनकादि ऋषियों को ज्ञान (प्रश्नों के उत्तर) प्रदान करने के लिए हंस का अवतार लिया था। अतः योगिनी एकादशी पर हंस की प्रतिमा घर ले आएं। इससे घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
  2. एकादशी के दिन सफेद हाथी घर ले आएं, इससे आर्थिक तंगी दूर होगी। अनादिकाल में भगवान विष्णु अपने भक्त जय की रक्षा हेतु पृथ्वी पर प्रकट हुए थे। कालांतर में भगवान विष्णु ने गज यानी जय की ग्राह से रक्षा की थी। भगवान विष्णु को गज यानी हाथी अति प्रिय है। अतः एकादशी के दिन सफेद हाथी घर लाना शुभ माना जाता है।
  3.  भगवान श्रीकृष्ण द्वापर युग के समकालीन थे। जिन्हें कन्हैया, मुरली, मनोहर, श्याम, गोपाल, केशव, द्वारकाधीश, वासुदेव, माखनचोर आदि नामों से जाना जाता था। भगवान श्रीकृष्ण, जगत के पालनहार विष्णु जी के अवतार हैं। द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण बांसुरी बजाकर प्रकृति में मनमोहक ध्वनि प्रकट करते थे। कृष्णजी को बांसुरी अति प्रिय है। अतः योगिनी एकादशी के दिन बांसुरी घर जरूर ले आएं। धार्मिक मान्यता है कि बांसुरी की ध्वनि से घर में व्याप्त नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं।

 

(Disclaimer : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है, MP BREAKING NEWS किसी भी तरह की मान्यता-जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)


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