Hindi News

Dussehra : दशहरा के दिन कर ले इस एक पक्षी के दर्शन, चमक उठेगा भाग्य, दूर होंगे कष्ट

Written by:Ayushi Jain
Published:
Dussehra : दशहरा के दिन कर ले इस एक पक्षी के दर्शन, चमक उठेगा भाग्य, दूर होंगे कष्ट

धर्म, डेस्क रिपोर्ट। त्योहारों का सीजन चल रहा है और आज नवरात्री (Navratri) की नवमी है। वहीं 5 अक्टूबर के दिन दशहरे (Dussehra) का त्यौहार मनाया जाएगा। जैसा कि आप सभी जानते हैं इस दिन श्री राम ने रावण का वध किया था, तभी से दशहरे के दिन रावण दहन का पर्व मनाया जा रहा है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। आपको बता दे, अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन दशहरा मनाया जाता है। दशहरा के दिन को विजयदशमी के नाम से भी जाना जाता है।

इस दिन का काफी महत्त्व माने जाता है। इस दिन कई उपाय भी किए जाते हैं। कहा जाता है कि इस दिन किए गए उपायों से आर्थिक संकट, कर्ज, स्वास्थ्य और वैवाहिक परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता हैं। आज हम आपको इस दिन करने वाले एक ऐसा उपाय बताने जा रहे हैं जिसको करने से व्यक्ति की पूरी इच्छा पूर्ण होती है साथ ही जीवन खुशहाल हो जाता है। चलिए जानते है उस उपाय के बारे में –

Must read : Bhopal : नियमों के विरुद्ध उड़ रहा हुक्के का धुंआ, बिना लइसेंस चल रहे लाउंज

कहा जाता है कि दशहरा के दिन नीलकंड पक्षी को देखना चाहिए। ये बेहद खास माना जाता है। दरअसल, नीलकंड पक्षी महादेव का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में मान्यता ये है कि जिस समय भगवान राम दशानन का वध करने जा रहे थे। तब उन्हें नीलकंठ पक्षी के दर्शन हुए थे। इसलिए दर्शन करना काफी शुभ माने गए है। दर्शन करने से भाग्य चमक जाता है। साथ ही जीवन पर आ रही सभी समस्या दूर हो जाती है।

दर्शन करने के बाद से ही सफलता मिलने लग जाती है। मान्यता ये भी है कि रावण के वध के बाद श्रीराम पर ब्राह्मण हत्या का पाप लगा था। ऐसे में पाप से मुक्ति पाने के लिए भगवान राम ने भोलेनाथ की आराधना की थी। इसके लिए तब शिवजी नीलकंठ के रूप में धरती पर आए थे। इसलिए नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना शुभ माना जाता है।

अगर आपको नीलकंठ पक्षी के दर्शन हो रहे है या आपके सामने है तो आपको एक ये उपाय करना होगा। आपको बता दे, दशहरा के दिन नीलकंठ पक्षी दिखे तो कृत्वा नीराजनं राजा बालवृद्धयं यता बलम्। शोभनम खंजनं पश्येज्जलगोगोष्ठसंनिघौ।। नीलग्रीव शुभग्रीव सर्वकामफलप्रद। पृथ्वियामवतीर्णोसि खच्चरीट नमोस्तुते।। मंत्र का जाप करना होगा ऐसा करने से हर कष्ट और पाप दूर होते हैं।

Ayushi Jain
लेखक के बारे में
मुझे यह कहने की ज़रूरत नहीं है कि अपने आसपास की चीज़ों, घटनाओं और लोगों के बारे में ताज़ा जानकारी रखना मनुष्य का सहज स्वभाव है। उसमें जिज्ञासा का भाव बहुत प्रबल होता है। यही जिज्ञासा समाचार और व्यापक अर्थ में पत्रकारिता का मूल तत्त्व है। मुझे गर्व है मैं एक पत्रकार हूं। मैं पत्रकारिता में 4 वर्षों से सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया से लेकर प्रिंट मीडिया तक का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कंटेंट राइटिंग, कंटेंट क्यूरेशन, और कॉपी टाइपिंग में कुशल हूं। मैं वास्तविक समय की खबरों को कवर करने और उन्हें प्रस्तुत करने में उत्कृष्ट। मैं दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली से संबंधित विभिन्न विषयों पर लिखना जानती हूं। मैने माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से बीएससी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन किया है। वहीं पोस्ट ग्रेजुएशन एमए विज्ञापन और जनसंपर्क में किया है। View all posts by Ayushi Jain
Follow Us :GoogleNews