7 साल बाद मिला मध्यप्रदेश को ये मुकाम, रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पंजाब को किया ध्वस्त

मध्य प्रदेश टीम रणजी ट्रॉफी के इतिहास में पांचवीं बार सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुकी है। इस बार के रणजी ट्रॉफी में यह अपने 2 सितारा खिलाड़ियों के बिना खेल रही थी। उसके बाद भी इस ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। जो कि उसके सात साल के सूखे को खत्म करता है।

स्पोर्ट्स, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश टीम रणजी ट्रॉफी के इतिहास में पांचवीं बार सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुकी है। इस बार के रणजी ट्रॉफी में यह अपने 2 सितारा खिलाड़ियों के बिना खेल रही थी। उसके बाद भी इस ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। जो कि उसके सात साल के सूखे को खत्म करता है। बेंगलुरु के अलवर 3 मैदान पर खेले जा रहे क्वार्टर फाइनल में मध्यप्रदेश ने मैच के पांचवें और अंतिम दिन पंजाब को 10 विकेट से हरा दिया। इस मैच में इंदौर के शुभम शर्मा को मैन ऑफ द मैच चुना गया है।

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पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 219 रन बनाए थे। जिसके जवाब में मध्यप्रदेश ने पहली पारी में 397 रनों का विशाल लक्ष्य खड़ा किया। पंजाब की टीम दूसरी पारी में जब बल्लेबाजी करने उतरी तो वह मात्र 203 रनों पर सिमट गई। जिसके बाद मध्य प्रदेश ने 5.1 ओवर में बिना किसी नुकसान के लक्ष्य को हासिल कर लिया।

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मध्यप्रदेश के इस मैच में इन के दो प्रमुख खिलाड़ी तेज गेंदबाज आवेश खान और हरफनमौला वेंकटेश अय्यर दोनों ही उपलब्ध नहीं थे, क्योंकि दोनों दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किए जा चुके हैं। वही बात करें पंजाब की तो यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर शुभमन गिल आईपीएल में खेलने वाले अभिषेक शर्मा और गुरप्रीत सिंह जैसे नामी खिलाड़ियों से भरपूर थी। इसके बावजूद वह मध्यप्रदेश के खिलाफ टीम को नहीं जिता सके।

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यह पांचवीं बार है जब मध्य प्रदेश संगठन एमपीसीए के टीम ने सेमी फाइनल में प्रवेश किया है। आखरी बार मध्य प्रदेश टीम ने 2015-16 में सेमीफाइनल में पहुंची थी। मगर कटक में खेले गए सेमीफाइनल में मुंबई के हाथों मध्य प्रदेश को हार का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद टीम रणजी के फाइनल से पहले ही बाहर हो गई थी।