Hermit को नहीं चाहिए आपकी जासूसी के लिए कोई Permit, गूगल ने Spyware को लेकर जारी की चेतावनी

'Hermit' एक मॉड्यूलर स्पाइवेयर है, जो डाउनलोड किए जाने के बाद आपके स्मार्टफोन में डाउनलोड किए गए डेटा को कैप्चर करता है।

टेक्नॉलॉजी, डेस्क रिपोर्ट। स्मार्टफोन को चलाते समय हमें काफी सावधान रहने की आवश्यकता है क्योंकि कुछ असामाजिक तत्व हमेशा नए-नए तरीकों के साथ आपके स्मार्ट डिवाइस में घुसने की फिराक में रहते है। एक ऐसे ही तरीके का खुलासा करते हुए गूगल ने बताया है कि हाई-प्रोफाइल एंड्राइड स्मार्टफोन यूजर्स की जासूसी या कहे तो उनकी एक्टिविटी और डेटा से छेड़छाड़ और प्राप्त करने के लिए ‘हर्मिट’ नामक एंटरप्राइज-ग्रेड एंड्रॉइड spyware का उपयोग एसएमएस के माध्यम से किया जा रहा है।

टेक दिग्गज ने सभी एंड्रॉइड यूजर्स को चेतावनी जारी करते हुए सावधान रहने के लिए कहा है। इससे बचने के लिए कंपनी ने भी Google Play प्रोटेक्ट में बदलाव किए हैं।

जानकारी के मुताबिक, साइबर-सुरक्षा शोधकर्ताओं ने पिछले हफ्ते ‘Hermit’ का पता लगाया था, जिसका इस्तेमाल सरकारों द्वारा एसएमएस संदेशों के माध्यम से व्यापार अधिकारियों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, शिक्षाविदों और सरकारी अधिकारियों जैसे हाई-प्रोफाइल लोगों को लक्षित करने के लिए किया जा रहा है।

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साइबर-सुरक्षा कंपनी लुकआउट थ्रेट लैब के शोधकर्ता ने कहा, “हमारे विश्लेषण के आधार पर, स्पाइवेयर, जिसे हमने ‘Hermit’ नाम दिया है, संभवतः इटली के स्पाइवेयर विक्रेता आरसीएस लैब और टायकेलैब एसआरएल द्वारा विकसित किया गया है, यह एक दूरसंचार समाधान कंपनी है, जिस पर हमें संदेह है कि वह एक फ्रंट कंपनी के रूप में काम कर रही है।”

क्या है ‘Hermit’ और कैसे करता है काम

‘Hermit’ एक मॉड्यूलर स्पाइवेयर है, जो डाउनलोड किए जाने के बाद आपके स्मार्टफोन में डाउनलोड किए गए डेटा को कैप्चर करता है। ये मॉड्यूल, कोर ऐप्स की अनुमतियों के साथ, ‘Hermit’ को रूट किए गए डिवाइस का फायदा उठाने, ऑडियो रिकॉर्ड करने और फोन कॉल करने और रीडायरेक्ट करने के साथ-साथ कॉल लॉग, संपर्क, फोटो, डिवाइस स्थान और एसएमएस संदेशों जैसे डेटा को इकठ्ठा करने में सक्षम है।

विशेषज्ञों का कहना है कि वे ‘Hermit’ के iOS संस्करण के बारे में भी जानते हैं लेकिन अभी तक वह उसका पता लगाने में असमर्थ है।

हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब हाई-प्रोफाइल लोगों के समर्टफोन्स में झांका जा रहा है, इससे पहले भी Pegasus को इजराइली साइबर कंपनी NSO Group द्वारा विकसित किया गया था जिसे iPhone और अन्य उपकरणों पर गुप्त रूप से स्थापित किया जा सकता है।

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यह टेक्स्ट मैसेज पढ़ने, कॉल ट्रैक करने, पासवर्ड इकट्ठा करने, लोकेशन ट्रैकिंग, टारगेट डिवाइस के माइक्रोफोन और कैमरे तक पहुंचने और ऐप्स से जानकारी हासिल करने में सक्षम था। स्पाइवेयर का उपयोग भारत सहित दुनिया भर के कई देशों के कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और राजनीतिक नेताओं की निगरानी के लिए किया गया है।