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Mon, Dec 8, 2025

महिलाकर्मियों का सुरक्षा “कवच”, योगी सरकार का अहम कदम, श्रम कानूनों में किए बड़े बदलाव

Written by:Banshika Sharma
उत्तर प्रदेश सरकार ने महिला कर्मचारियों के लिए श्रम कानूनों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। अब शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक काम करने के लिए महिलाओं की लिखित सहमति अनिवार्य होगी और उन्हें परिवहन व सुरक्षा जैसी सुविधाएं देना भी जरूरी होगा। इसके साथ ही ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाएगा।
महिलाकर्मियों का सुरक्षा “कवच”, योगी सरकार का अहम कदम, श्रम कानूनों में किए बड़े बदलाव

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्रम कानूनों में कई बड़े बदलाव लागू किए हैं। इन सुधारों के तहत अब किसी भी महिला कर्मचारी को उसकी सहमति के बिना नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए बाउंड नहीं किया जा सकेगा। साथ ही, उन्हें कार्यस्थल पर बेहतर सुरक्षा और एक्स्ट्रा काम के लिए दोगुना भुगतान सुनिश्चित किया गया है।

सरकार का यह फैसला प्रदेश में कामकाजी महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य फीमेल लेबर फोर्स की भागीदारी को बढ़ावा देना और उन्हें इंडस्ट्री के क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करना है।

नाइट शिफ्ट के लिए क्या हैं नए नियम?

नए नियमों के अनुसार, किसी भी फैक्ट्री या संस्थान में शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे के बीच महिला कर्मचारियों से काम कराने के लिए उनकी लिखित सहमति लेना अनिवार्य है। यह सहमति श्रम विभाग में पंजीकृत करानी होगी, ताकि पूरी प्रक्रिया में ट्रांसपेरेंसी बनी रहे।

इसके अलावा, नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं के लिए कंपनियों को कई सुरक्षा उपाय करने होंगे। इनमें घर से कार्यस्थल तक सुरक्षित परिवहन, पर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा गार्डों की तैनाती शामिल है। इन प्रावधानों का उद्देश्य वर्कप्लेस पर महिलाओं के लिए भयमुक्त वातावरण बनाना है।

ओवरटाइम और वेतन से जुड़े बदलाव

नए संशोधनों में महिला कर्मचारियों के ओवरटाइम को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अब महिलाओं के लिए ओवरटाइम की सीमा 75 घंटे प्रति तिमाही से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है। इस अतिरिक्त काम के लिए उन्हें सामान्य वेतन दर से दोगुनी दर पर भुगतान किया जाएगा। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि करियर में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा।

औद्योगिक क्षेत्र में समान अवसर

योगी सरकार ने महिलाओं को सभी 29 श्रेणियों के खतरनाक माने जाने वाले उद्योगों में भी काम करने की अनुमति दे दी है, जबकि पहले यह छूट केवल 12 श्रेणियों तक सीमित थी। यह फैसला औद्योगिक विस्तार और तकनीकी जरूरतों को देखते हुए लिया गया है। सरकार का कहना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति के जरिए महिला कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

महिला सुरक्षा पर सरकार का फोकस

यह सुधार सरकार द्वारा महिला सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे अन्य कदमों का ही एक हिस्सा है। प्रदेश में पहले से ही महिला पावर लाइन 1090, हेल्पलाइन 112, एंटी रोमियो स्क्वाड और सेफ सिटी प्रोजेक्ट जैसे कार्यक्रम चल रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में महिला अपराधों में दोषसिद्धि दर 71% है, जो राष्ट्रीय औसत 18% से काफी अधिक है। इन सुधारों का लक्ष्य महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाकर कार्यबल में उनकी भागीदारी को और मजबूत करना है।

यह हैं मुख्य बदलाव

1. महिलाओं को उनकी लिखित सहमति के बिना नाइट शिफ्ट में काम के लिए बाउंड नहीं किया जा सकेगा।

2. नाइट शिफ्ट में कंपनियों को सुरक्षित ट्रांसपोर्ट, सीसीटीवी, सुरक्षा गार्ड और पर्याप्त रोशनी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।

3. महिला कर्मचारियों के ओवरटाइम की सीमा बढ़ाकर 75 घंटे से 144 घंटे प्रति तिमाही कर दी गई है।

4. ओवरटाइम का भुगतान अब सामान्य वेतन की तुलना में दोगुनी दर पर किया जाएगा।

5. महिलाओं को खतरनाक श्रेणी वाले 29 उद्योगों में काम करने की अनुमति दी गई, जो पहले केवल 12 श्रेणियों तक सीमित थी।