हौसलों की चढ़ाई: आंखें ना होते हुए भी किया हिमालय को फतेह

इस ट्रेनिंग की शुरुआत हांग ने हॉस्पिटल की सीढ़ियां चढ़ने के साथ की थी, और उन्हें भरोसा था कि वह एक दिन जरूर एवरेस्ट की चोटी को फतेह करेंगे।

वायरल, डेस्क रिपोर्ट। कहते हैं हिम्मते मरदान मदद ए खुदा, कुछ ऐसी की हिम्मत का परिचय देते हुए आंखों से न देख पाने के बावजूद 44 साल के चाइनीज नागरिक झांग हॉन्ग (zhang hong) ने हिमालय (himalaya) की माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) चोटी पर अपना परचम लहराया। ऐसा करने के साथ ही वह पहले ब्लाइंड एशियाई (blind asian) और दुनिया के तीसरे ब्लाइंड इंसान बन गए हैं। जिसने यह कारनामा किया है।

44 साल के हांग ने इस उपलब्धि को हासिल करने के बाद अपने गाइड, अपने परिवार,अपने हॉस्पिटल के सहकर्मचारियों और एशियन ट्रेकिंग संस्था (Asian Trekking Society) का धन्यवाद भी किया। हांग ने बताया कि 5 साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने इस उपलब्धि को हासिल किया। इस ट्रेनिंग की शुरुआत हांग ने हॉस्पिटल की सीढ़ियां चढ़ने के साथ की थी, और उन्हें भरोसा था कि वह एक दिन जरूर एवरेस्ट की चोटी को फतेह करेंगे।

Read More: दतिया : धोखाधड़ी के मामले में कांग्रेस के कार्यकारी जिला अध्यक्ष की जमानत याचिका खारिज

अपने ट्विटर अकाउंट पर उन्होंने अपनी ट्रेकिंग के समय की काफी पिक्चर्स भी शेयर की जो देखने में बेहद दिलचस्प हैं।हिमालय की सबसे ऊंची चोटी को फतेह करने के बाद हांग लिखते हैं “this is the only begining, I would like to climb the #seven summits”, अर्थात यह तो बस शुरुआत है विश्व की सभी सात सबसे ऊंची चोटियों को फतेह करना अभी बाकी हैं।