कृषि मंत्री के सामने आपस में भिड़े कांग्रेसी, एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप

रतलाम।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने हुए भले ही 8  महिने से ज्यादा बीत गए हो लेकिन अब भी गुटबाजी खत्म होने का नाम नही ले रही है। बुरहानपुर के बाद अब रतलाम से कांग्रेसी के आपस में भिड़ने का मामला सामने आया है।यहां बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के दौरान कांग्रेसी  प्रभारी व कृषि मंत्री सचिन यादव के सामने ही आपस में भिड़ गए।  इससे गुस्साए केके सिंह ने मंत्री को बिना पूरा दौरा करवाए गाड़ी में बिठा कर रवाना कर दिया।

दरअसल, आज बुधवार को जिले के प्रभारी व कृषि मंत्री सचिन यादव  जावरा विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पहुंचे थे।जैसे ही मंत्री यादव आगरा विधानसभा क्षेत्र के हनुमंत्या गांव पहुंचे तोयहां सर्वे के दौरान कांग्रेसी आपस में भिड़ गए। इस दौरान मंत्री के साथ पूर्व मंत्री स्वर्गीय महेंद्र सिंह कासलूखेड़ा के भाई केके सिंह भी मौजूद थे।पूरा हंगामा मंत्री सचिन यादव के सामने ही चलता रहा ,हालांकि मंत्री सचिन यादव ने इसे अनदेखा करने की कोशिश की । इलाके के एक गुट के कांग्रेसियों का आरोप है कि मंत्री को सही दौरा नहीं करने दिया गया । पूरा गांव कांग्रेसी है और संकट के समय में हम पार्टी के साथ डटकर खड़े थे । लेकिन आज सत्ता आने के बाद हमारी बात को कोई तवज्जो नहीं दी रही है । वाद-विवाद के वक्त नौबत हाथापाई तक आ गई थी। वरिष्ठ नेताओं ने बीच बचाव कर मामले को शांत किया । इससे गुस्साए केके सिंह ने मंत्री को बिना पूरा दौरा करवाए गाड़ी में बिठा कर रवाना कर दिया।

इससे पहले मंगलवार को बुरहानपुर पहुंचे प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसी सिलावट के सामने रेस्ट हाउस पर कांग्रेस के खंडवा और बुरहानपुर के कार्यकर्ता आपस में भिड गए | मंत्री सिलावट के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।हालांकि यहां विवाद मंत्री सिलावट के निज सचिव से उनका मोबाईल नंबर मांगा को लेकर हुआ था। इसके बाद मामले के मीडिया में आने के बाद मंत्री सिलावट से लेकर आपस में भिडने वाले कांग्रेस कार्यकर्ता एक सूर में बोलने लगे यह हमारे कांग्रेस परिवार का मामला है।


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