गंगा से भी पुरानी नर्मदा लेकिन रेत उत्खनन से स्थिति हो रही खराब : स्वरूपानंद

नरसिंहपुर।

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने एक बार फिर नर्मदा को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने संरक्षण को लेकर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा है कि नर्मदा गंगा से भी पुरानी नदी है, लेकिन इसके बावजूद आज उसकी स्थिति बहुत खराब है। प्रदेश में लगातार हो रहे रेत उत्खनन के कारण नदी का क्षरण हो रहा है। नर्मदा को जगह-जगह से खोद कर गड्ढे कर दिए गए, जिसके कारण पानी का ठहराव एक ही गढ्डे में होने लगा है।  रेत उत्खनन से रेत नदी में से निकल गई और अब सिर्फ पानी ही पानी बचा है।वही अब पानी छनना खत्म हो गया, जिसके कारण नर्मदा में नालियों का पानी मिलने से प्रदूषण फैल रहा है।

दरअसल, आज शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जिले के गोटेगांव पहुंचे थे। जहां उन्होंने नर्मदा के ब्रह्मकुंड घाट पर चल रहे अनुष्ठान के दौरान प्रवचन में ये बातें कही।उन्होंने शिवराज सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यहां पर मुख्यमंत्री भी आए और कार्यक्रम करते रहे और उसी समय नर्मदा के उस पार मशीनों से रेत का उत्खनन होता रहा।लेकिन कोई कार्रवाई नही की गई। पहले नर्मदा की परिक्रमा करने लोग दूर दूर से आते थे, जल पीने योग्य था लेकिन आज स्थिति वैसी नही है। नर्मदा की रेत का उपयोग शौचालय निर्माण में करके भारत को स्वच्छ बना दिया लेकिन यह विचार नहीं किया कि पीने के लिए तो पानी नहीं है, पीने के पानी से 15 गुना ज्यादा पानी तो शौचालय को साफ करने में चाहिए।


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