Hindi News

MP Cabinet Meeting: मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर, मंडी टैक्स बढ़ा

Written by:Pooja Khodani
Last Updated:
Mohan Cabinet Decision: मंगलवार को हुई मोहन कैबिनेट बैठक में मंडी टैक्स बढ़ाकर डेढ़ प्रतिशत किया गया है हालांकि कपास पर घटा गया है। आइए जानते हैं अन्य फैसले...

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार (9 जून 2026) को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई।  बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 800 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही राज्य में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सुदृढ़ करने के लिए आगामी 5 वर्षों 2026-2031 के लिए आईटी संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य योजना के लिए 235 करोड़ 63 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है।

बैठक के बाद सभी फैसलों की आधिकारिक जानकारी एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्याप ने मीडिया को दी ।बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष सफलता के साथ पूरे होने पर बधाई दी गई। इस उपलक्ष्य में प्रदेश में 21 जून तक विकास कार्यों का आयोजन किया जाएगा। वहीं 21 जून से शिविर भी लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सभी मंत्रियों से कहा कि वे 15 जून तक तबादले काम पूरा कर लें, तारीख में फिलहाल कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। साथ ही निर्देश दिए कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए उर्वरक को लेकर किसानों को जागरूक करें।

मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर

भोपाल मेट्रो की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़

  • भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ में 3,092.22 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर संशोधित कुल लागत 10,033.62 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की है।
  • इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 3,532 करोड़ 22 लाख रुपये की भी स्वीकृति प्रदान की है।
  • इसमें भारत शासन और राज्य शासन द्वारा 995 करोड़ 9 लाख रुपये की अतिरिक्त इक्विटी और केन्द्रीय करों के लिए 84 करोड़ 54 लाख रुपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण, वित्तपोषण एजेंसी बैंकों से ऋण निधि के विरुद्ध 1,620 करोड़ 64 लाख रुपये का अतिरिक्त PTA/आंतरिक ऋण, मध्यप्रदेश शासन से भूमि की लागत और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए 138 करोड़ 38 लाख रुपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण तथा मध्यप्रदेश शासन से राज्य करों के लिए 446 करोड़ 35 लाख रुपये एवं IDC की लागत के लिए 246 करोड़ 41 लाख रूपये का अतिरिक्त अनुदान शामिल है।
  • 30 किलोमीटर की मेट्रो लाइन दो साल में पूरी हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही मेट्रो परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा कर चुके हैं और अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दे चुके हैं।

कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5%

  • कपास जिनिंग मिलों की आवश्यकता को देखते हुए कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन दिया है।
  • प्रदेश में लगभग 158 कपास जिनिंग मिलें है, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता लगभग 13 लाख मीट्रिक टन है।
  • प्रदेश में कपास पर मंडी फीस की दर में कमी किए जाने से जिनिंग मिलों के द्वारा अन्य पड़ोसी राज्यों में पलायन की अपेक्षा प्रदेश में ही व्यवसाय करने को प्राथमिकता दी जाएगी जिससे रोजगार में तथा जीएसटी संग्रहण में वृद्धि होगी।

कृषक कल्याण के लिए मंडी शुल्क 1 रुपये से बढ़ाकर 1.50 रुपये हुआ

  • मंडी शुल्क को एक रुपये के स्थान पर वृद्धि कर 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय लिया है।
  • इससे जिलों में कोल्डस्टोरेज,वेयरहाउस प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
  • इस शुल्क राशि में से 50 पैसे विपणन विकास निधि के अंश के रूप में किसानों के कल्याण में उपयोग किया जायेगा। निराश्रित शुल्क को यथावत् 20 पैसे रखा जायेगा।
  • वृद्धि से इस वर्ष में लगभग 500 करोड़ रूपये की अतिरिक्त आय होना संभावित है।
  • आय का उपयोग किसान सड़क निधि एवं कृषि अनुसंधान तथा अधोसंरचना विकास में किया जाएगा।
  • किसान सड़क निधि ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का अंश 20 पैसे, किसान सड़क निधि-मंडियो की मूलभूत संरचनाओं के लिए 10 पैसे, गौ-संवर्धन एवं संरक्षण निधि में 12 पैसे, मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के लिए 2 पैसे, प्रचार-प्रसार एवं कृषक सम्मेलन के लिए 1.75 पैसे और कृषि अनुसंधान एवं कृषि अधोसंरचना विकास निधि के लिए 4.25 पैसे का उपयोग किया जायेगा।

MP स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन और मार्कफेड को 8,600 करोड़की शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराने की स्वीकृति

  • आगामी रबी विपणन वर्ष 2026 में गेहूं उपार्जन और इसके बाद खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान एवं मोटे अनाजों के उपार्जन के दृष्टिगत विभिन्न बैंकों (शेडयूल्ड/राष्ट्रीयकृत/जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक), नाबार्ड, एवं सार्वजनिक वित्तीय संस्थाओं से धनराशि उधार लेने के लिए वर्तमान जारी वित्त व्यवस्थाओं की निरंतरता के लिए और RBI अपेक्षा के अनुक्रम में ज्यादा ब्याज दर वाली खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान आदि परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए MP स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. एवं मार्कफेड को RBI की द्वय खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च मार्च 2027 तक के लिए 8,600 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी है।
  • निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति में से समय समय पर MPSCSC और मार्कफेड के मध्य पुर्नआवंटन का अधिकार खादय विभाग म.प्र. शासन को प्रदान किये गए है।
  • MP स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 (एक वर्ष) तक की अवधि के लिए 29,500 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई गई है।
  • शासकीय प्रत्याभूति से उपलब्ध राशि के अलावा बाकी राशि की वित्त व्यवस्था ज्यादा ब्याज दर वाली RBI द्वारा राज्य शासन को प्रदत्त खाद्यान्न साख सीमा से की जाएगी।

IT संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य के लिए 235 करोड़ की स्वीकृति

  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत राज्य आईटी संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 235 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति दी है।
  • राज्य आईटी संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान योजना के लिए 180 करोड़ 20 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
  • योजना के अंतर्गत शासन के विभिन्न विभागों, निगमों, प्राधिकरणों एवं परियोजनाओं को तकनीकी परामर्श सेवाएँ प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय आईटी संवर्ग का गठन किया गया है।
  • योजना से प्राप्त अनुदान का उपयोग विशेषज्ञों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, क्षमता-विकास एवं विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप परामर्श सेवाओं के लिए किया जाता है।
  • यह योजना वर्तमान में शासन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया की आधारभूत आवश्यकता है तथा भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमता (AI), बिग डाटा एनालिटिक्स, ब्लॉक चेन तकनीक एवं सायबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में राज्य की तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
  • सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55 करोड़ 43 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है। योजना से VBTC प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईटी, ई-गवर्नेस, सायबर सुरक्षा तथा डेटा प्रबंधन विषयों पर नियमित प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक कार्य कुशलता में वृद्धि की जायेगी।
  • एमपीएसईडीसी जैसी नोडल एजेंसियों को सहायक अनुदान उपलब्ध कराकर विभिन्न आईटी एवं ई-गवर्नेस परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
  • राज्य, संभाग और जिला स्तर पर आयोजित कार्य शालाओं एवं सेमिनारों के माध्यम से विभागीय क्षमता संवर्धन तथा आईटी जागरुकता को बढ़ावा मिलेगा।

मोहन सरकार फिर लेगी 1800 करोड़ का कर्ज

मध्य प्रदेश सरकार मंगलवार को दो किस्तों में 1800 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से लेने जा रही है। सरकार द्वारा दो अलग-अलग राज्य विकास ऋण के रि-इश्यू का नोटिफिकेशन किया है। इसकर्ज के बाद राज्य सरकार पर चालू वित्त वर्ष में 11 हजार करोड़ का कर्ज हो जाएगा। नए कर्ज के साथ राज्य सरकार पर कुल कर्ज 4 लाख 99 हजार 714 करोड़ रुपए हो जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम

  • सुबह 10:45 बजे – मंत्रालय आगमन
  • सुबह 10:50 बजे – कैबिनेट ब्रीफिंग
  • सुबह 11:00 बजे – कैबिनेट बैठक (मंत्रालय)
  • दोपहर 12:30 बजे – सिंहस्थ 2028 की तैयारियों हेतु गठित मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक (मंत्रालय)
  • दोपहर 2:00 बजे – मुलाकात
  • दोपहर 3:00 बजे – योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग के साथ चर्चा (मंत्रालय)

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
Follow Us :GoogleNews