नगरीय निकाय चुनाव से पहले निकायों में होगी भर्ती प्रक्रिया, संविदा नियुक्ति को लेकर नियम तय

जबकि अलग-अलग पदों के लिए 8000 से 60,000 रुपए तक मानदेय निर्धारित किए जा चुके हैं।

नगरीय निकाय चुनाव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में आगामी नगर निकाय चुनाव (municipal elections) को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। चुनाव से पहले नगर निकायों में खाली पड़े पदों को संविदा नियुक्ति (contract appointment) से भरा जाएगा। बता दें कि इन पदों पर रिटायर्ड अधिकारी कर्मचारियों (retired officer employees) की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए नगरीय प्रशासन और आवास विभाग (Urban Administration and Housing Department) द्वारा प्रक्रिया तय कर नियम जारी किए गए हैं।

दरअसल मध्यप्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के कारण नगरीय निकाय चुनाव को स्थगित कर दिया गया था। इससे पहले नगर निकाय के कई खाली विभिन्न संवर्ग के पदों पर अब नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बता दे की नियुक्ति प्रक्रिया पहले के खाली पदों पर ही की जाएगी।

वही नगर निकायों में नियुक्ति से पहले निगम को 3 साल की ऑडिट की जानकारी आयुक्त को उपलब्ध करानी होगी। ज्ञात हो कि नगरीय निकाय के विभिन्न पदों में अकाउंट एक्सपर्ट, वित्तीय विश्लेषक, शहरी नियोजन विशेषज्ञ, सिस्टम प्रोग्राम, कंप्यूटर ऑपरेटर, निर्माण प्रबंधन विशेषज्ञ, कनिष्ठ अभियंता, पुस्तकालय अध्यक्ष, विधि सलाहकार, उर्जा विशेषज्ञ इलेक्ट्रीशियन, वाहन चालक, ऑफिस असिस्टेंट सहित कई अन्य पदों पर भर्ती होनी है।

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वहीं अगर नियम की बात करें तो जहां पदों की संख्या के बराबर या कम आवेदन आएंगे। वहां चयन प्रक्रिया जरूरी नहीं की जाएगी लेकिन जहां पदों से ज्यादा आवेदन आते हैं। उस स्थिति में इंटरव्यू के माध्यम से चयन समिति द्वारा पदों के लिए चयन किया जाएगा। वही इन पदों के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 साल जबकि अधिकतम 65 साल होनी तय की गई है। इसके अलावा इन नियुक्ति में अनुसूचित जाति जनजाति और पिछड़े वर्ग के लिए पद आरक्षित किए गए हैं। जबकि अलग-अलग पदों के लिए 8000 से 60,000 रुपए तक मानदेय निर्धारित किए जा चुके हैं।

इस मामले में निकायों के अधिकारियों का कहना है कि खाली पद संख्या होने की वजह से लगातार कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। जिसको लेकर अक्सर भर्ती की मांग की जाती रही है। इस मामले में अब राज्य शासन से संविदा नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। जबकि कर्मचारियों के चयन प्रक्रिया पहले से ही तय है और उस नियम के मुताबिक ही चयन निश्चित किए जाएंगे।