गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की बड़ी पेशकश, कोरोना वैक्सीन ट्रायल के लिए वालंटियर बनने को तैयार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। विश्व भर में इन दिनों कोरोना (corona) को लेकर वैक्सीन (vaccine) निर्माण तेजी पर है और एक दर्जन से ज्यादा कंपनियों के वैक्सीन इन दिनो ट्रायल (trial) से गुजर रहे हैं। मध्य प्रदेश की बात की जाए तो पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में भी इन दिनों स्वदेश निर्मित कोरोना वैक्सीन के परीक्षण का दौर चल रहा है।

ऐसे में परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने को लेकर संदेह पैदा हो गया है। इन सब के बीच मध्य प्रदेश के गृह एवं जेल मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने पेशकश की है कि वे खुद कोरोना वालन्टियर बनने को तैयार हैं। उनका कहना है कि डॉक्टरों से बात करके जल्द इस बारे में अपने आप को प्रस्तुत करेंगे।bइसके साथ ही उन्होंने अपने विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों के साथ-साथ सामान्य लोगों से भी मानवता के इस महायज्ञ में आहुति देने का आह्वान किया है।

वहीँ भोपाल गैस त्रासदी की 36वीं बरसी पर बोलते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मैं इस भीषणतम दुर्घटना में काल-कवलित हुए बेगुनाह नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज का दिन यह सबक लेने का भी दिन है कि दुनिया में ऐसी मानवनिर्मित त्रासदी दोबारा न हो।

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इधर किसान आंदोलन पर बोलते हुए गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार ने #किसान आंदोलन के पहले दिन से ही बातचीत की पहल की है। लोकतंत्र में किसी भी समस्या का हल संवाद से ही निकलता है। कुछ चुके हुए नेता CAA-NRC की तरह कृषि सुधार कानून को लेकर भी भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन उनके मंसूबे कामयाब नहीं होंगे।

पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में 1000 से ज्यादा कोरोना वालन्टियर्केस यह वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है और इसके प्रभावों का आकलन करने के बाद कोरोना वैक्सीन निर्माण के आगे के भविष्य का रास्ता साफ होगा। इन सबके बीच एक निराशाजनक खबर यह भी है कि भोपाल में 1000 वॉलिंटियर्स के विरुद्ध केवल 36 लोगों ने अभी तक वालंटियर बनने की पेशकश कर कोरोना वैक्सीन लगवाया है। दरअसल लोगों में इस बात को लेकर काफी भय और भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि टीका लगने पर न जाने क्या स्थिति बने।

जब राजनेता इस तरह के उदाहरण प्रस्तुत करेंगे तो इस बात की पूरी उम्मीद है कि सामान्य जन भी इस बात के लिए आगे आएंगे कि वे कोरोना वैक्सीन का ट्रायल करा सकें और इससे कोरोना वैक्सीन के बाजार में उतरने का रास्ता जल्द साफ होता दिखाई देगा।