भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की 100 करोड़ के आरोपों वाली चिट्ठी में भाजपा (BJP) को महाराष्ट्र सरकार पर हमला बोलने का एक सुनहरा मौके दे दिया है। चिट्ठी में परमबीर सिंह (Parambir Singh) ने गृह मंत्री अनिल देशमुख (Home Minister Anil Deshmukh) पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने मुकेश अंबानी से जुड़े मामले में गिरफ्तार पुलिस अधिकारी सचिन वझे (Sachin Vaze) को हर महीने 100 करोड़ रुपये देने के टारगेट दिया था। परमबीर सिंह की चिट्ठी के गंभीर आरोपों के बाद महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) की सियासत में भूचाल आ गया है और गृह मंत्री अनिल देशमुख (Home Minister Anil Deshmukh) के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ने लगी है।

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परमबीर सिंह की चिट्ठी की बात  मीडिया में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गृह मंत्री अनिल देशमुख (Home Minister Anil Deshmukh) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और गृह मंत्री अनिल देशमुख (Home Minister Anil Deshmukh) से इस्तीफे की मांग करते हुए महाराष्ट्र की सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है। उधर केंद्रीय कानून मंत्री एवं भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद (Ravishankar Prasad) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे एवं वरिष्ठ नेता NCP प्रमुख शरद पवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

रविशंकर प्रसाद (Ravishankar Prasad) ने कहा कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर ने एक चिट्ठी लिखी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और राज्यपाल जी को, जिसमें उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्री ने API सचिन वझे को निर्देश दिया है कि उन्हें 100 करोड़ रुपये प्रति महीना बंदोबस्त करके दो।

उन्होंने कहा कि सचिन वझे वर्षों तक सस्पेंड थे, वर्षों के बाद उसको कोरोना काल में नियुक्त कराया गया। भाजपा की तरफ से पहला सवाल ये है कि सचिन वझे की नियुक्ति किसके दबाव में की गई? क्या शिवसेना का दबाव था? महाराष्ट्र के मुख़्यमंत्री या शरद पवार का दबाव था?

 

रविशंकर प्रसाद (Ravishankar Prasad) ने सवाल किया कि वरिष्ठ नेता शरद पवार को पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर द्वारा किस कारण से ब्रीफ किया जा रहा था जबकि पवार जी महाराष्ट्र सरकार के अंग नहीं है? यदि इतने गंभीर आरोपों के बारे में शरद पवार को ब्रीफ किया जा रहा था तो उन्होंने इसे रोकने के लिए अपने स्तर क्या कार्रवाई की।

 

उन्होंने कहा कि एक एपीआई का सदन के अंदर मुख्यमंत्री द्वारा बचाव किया जा रहा है और गृह मंत्री उसे हर महीने 100 करोड़ रुपये उगाही के लिए कह रहे हैं! यह एक बहुत गंभीर विषय है, भाजपा एक बाहरी एजेंसी द्वारा एक ईमानदार, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग करना चाहती है।

 

रविशंकर प्रसाद (Ravishankar Prasad) ने पूछा  “यदि मुबंई से 100 करोड़ रुपये का टार्गेट था तो उद्धव ठाकरे और शरद पवार बताएं कि पूरे महाराष्ट्र का टार्गेट क्या था? अगर एक मंत्री का टार्गेट 100 करोड़ था तो बाकी मंत्रियों का टार्गेट क्या था? ये भ्रष्टाचार नहीं, इसे कहते हैं, ऑपरेशन लूट।

 

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravishankar Prasad) ने सवाल किया कि 100 करोड़ रुपये की उगाही का आदेश महाराष्ट्र के गृह मंत्री अपने लिए दे रहे थे या फिर अपनी पूरी पार्टी के लिए कर रहे थे या पूरी महाराष्ट्र सरकार के लिए कर रहे थे, इस पर उद्धव ठाकरे और शरद पवार जी को जवाब देना पड़ेगा, ये भ्रष्टाचार का एक बहुत गंभीर मामला है।

 

उन्होंने कहा कि मुझे एक सवाल उद्धव ठाकरे से भी पूछना है जो बालासाहेब जी के पुत्र हैं और मैं बालासाहेब जी की बहुत इज्जत करता हूं। एक तो उद्धव ठाकरे ने आपने बेईमानी की सरकार बनाई सिर्फ कुर्सी के लिए और अब वो अपने पिताजी के गरिमा पर क्यों चोट पहुंचा रहे हैं ?