सीएम शिवराज ने की आपात बैठक, कहा- कोई भी गरीब रोजी-रोटी से न हो वंचित

माना जा रहा है कि प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कुछ बड़ा निर्णय ले सकते हैं।

सीएम शिवराज

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में लगातार भू माफियाओं (land mafia) पर कार्रवाई और कोरोना (corona) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई थी। मध्य प्रदेश के विकास और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज बैठक में विस्तृत चर्चा की। बैठक में सीएम शिवराज ने कहा है कि “दंड” अपराधियों, गुंडे बदमाशों का एक ही उपाय है। इसके साथ उन्होंने कहा कि ये भी सुनिश्चित किया जाये कि कोई भी गरीब रोजी-रोटी से वंचित न हो।

दरअसल रविवार को अपने आपात बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री निवास में आवश्यक बैठक की। जहां उन्होंने भोपाल के विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश जारी किए हैं। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भोपाल को विकास का आदर्श मॉडल बनाया जाए और स्वशासन यहां का मूल मंत्र हो। हमें राजधानी भोपाल को मध्यप्रदेश का आदर्श मॉडल बनाना है। जिसके लिये सुविधा, सुरक्षा और विकास हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए है कि 2 सप्ताह में विकास का प्लान बनाएं। मुख्यमंत्री कार्यालय और नगरीय प्रशासन के समन्वय से समन्वित योजना बने। इसके साथ ही निर्धन तबके के निर्माणाधीन आवास जल्द बनें। सीएम शिवराज ने सख्त निर्देश दिए हैं कि अपराधियों, अतिक्रमणकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई जारी रहनी चाहिए, लेकिन इसके साथ उन्होंने कहा कि ये भी सुनिश्चित किया जाये कि कोई भी गरीब रोजी-रोटी से वंचित न हो।

सीएम शिवराज ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि प्रदेश के सभी नागरिकों को समय पर सेवाएं मिले। सरकार अपराधियों के लिए वज्र से कठोर और नागरिकों के लिए फूल से भी कोमल बने। किसी भी कार्रवाई में यह सुनिश्चित करें कि गरीबों की रोजी रोटी न छिने। वहीँ सीएम ने कहा कि मेट्रो ट्रेन के कार्यों की गति बढ़ाएं। बता दें कि इस बैठक के लिए डीआईजी (DIG) से लेकर नगर निगम कमिश्नर और कलेक्टर (collector) तक को सूचना भेजी गई थी।

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इससे पहले कोरोना के संक्रमण को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने पहली से आठवीं कक्षा के लिए स्कूल को एक दिसंबर तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही साथ कोरोना गाइडलाइन (corona guideline) का उल्लंघन करने वाले के लिए ओपन जेल (open jail) बनाए गए हैं। इससे यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए तैयार बैठी है। इसे सभी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में कोरोना से निपटने की सख्ती पर लगातार समीक्षा कर रहे हैं।

हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में फिर से लॉकडाउन (lockdown) नहीं लगाया जाएगा। जिन इलाकों में संक्रमण की रफ्तार तेज है उन इलाकों में नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। इसके साथ ही साथ प्रशासन को सबसे चेतावनी दी गई है कि कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन ना किया जाए और उल्लंघन करने वाले पर कड़ी कार्रवाई की जाए।