मौत के मुहाने पर बैठने को मजबूर हैं कई स्कूलों के बच्चे, कोरोना के चलते नहीं हुई मरम्मत

नीमच,कमलेश सारडा। कोरोना महामारी के चलते 18 माह बाद बच्चों को स्कूल जाने का मौका तो मिला है लेकिन जिले के कई स्कूलों बच्चों को मौत के मुहाने पर बैठना पड़ रहा है। नीमच जिले के मनासा और जावद उपखंड में कई स्कूल ऐसे हैं जिनकी छतें जर्जर हो गईं हैं, बारिश में छतों से पानी टपक रहा है, यहां तक कि जिन कमरों में बच्चे बैठते हैं वहां की दीवारों से प्लास्टर गिर रहा है और छतों से लोहे के सरिये झांक रहे हैं।

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बारिश लगातार हो रही है ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। विभाग के जिम्मेदार कहते हैं कि जो स्कूल जर्जर अवस्था में हैं उनके जीर्णोद्धार के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। वहीं नीमच कलेक्टर का कहना है कि ऐसे सभी विद्यालयों की तात्कालिक मरम्मत करने के निर्देश दिए गये हैं।