ड्रग माफिया के खिलाफ बड़े एक्शन की तैयारी में सीएम शिवराज, बोले- हो सख्त कार्रवाई

इसके अलावा भोपाल इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा और होशंगाबाद संभाग के संभागीय आयुक्त और आईजी (IG) को भी बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में नशा के बढ़ते कारोबार और युवाओं तक आसानी से सप्लाई हो रही नशीले पदार्थ (Narcotics) को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) अब सख्त नजर आ रहे हैं। जिस पर अंकुश लगाने ओर रणनीतियां तय करने के लिए सीएम शिवराज (CM Shivraj) ने आज आपात बैठक बुलाई थी। यह बैठक आज 10:30 बजे सुबह सीएम हाउस (CM House) में हुई।

दरअसल मध्यप्रदेश में ड्रग माफिया के खिलाफ शिवराज सरकार ने मुहिम तेज कर दी है। आज हुई बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मानवता के दुश्मनों को उखाड़ फेंकने के लिए एक विशेष अभियान की जरूरत है। अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश के कई ऐसे जिले हैं। जहां गांजा, अफीम और सफेद पाउडर का कारोबार तेजी से पनप रहा है। ऐसे कारोबार पर धरपकड़ जरूरी है।

इसके साथ ही साथ हमें यह भी ध्यान रखने की जरूरत है कि प्रदेश के किशोर बच्चों को ड्रग माफिया अपने शिकंजे में ना ले सके। प्रदेश के भोपाल, रतलाम, नरसिंहपुर, उज्जैन, ग्वालियर, इंदौर जैसे जिलों का जिक्र करते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि पर सरकार ड्रग माफिया के विरुद्ध कार्रवाई करेगी और प्रदेश से समस्या को समाप्त करेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से बैठक करते हुए कहा कि ड्रग माफिया किशोर बच्चे को अपना निशाना बना रहे हैं।

जिसके कारण यह जरूरी है कि स्कूलों, कॉलेज के आसपास छापेमारी की जाए और जांच पड़ताल की जाए।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि देश के 272 जिले ऐसे हैं। जहां ड्रग माफिया तेजी से अपने पैर फैला रहा है। ऐसे में 15 जिले अकेले मध्य प्रदेश से हैं। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश के साथ अंतर्राजीय संपर्क में भी रहना है और उनके साथ मिलकर इस ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई लड़नी हैं।

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अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गंभीरता दिखाई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में किशोर बच्चों के साथ साथ लड़कियों और युवतियों को भी ड्रग का शिकार बनाया जा रहा है। जिस पर अंकुश आवश्यक है।वहीं उन्होंने कहा कि ड्रग माफिया के खिलाफ एक समन्वित और विशेष अभियान की भी जरूरत है और जल्द ही इसके ऊपर एक जागरूकता अभियान शुरू की जाएगी ताकि जो ड्रग की चपेट में आ चुके हैं। उन्हें इससे निकलने का रास्ता मिले।

आपातकालीन बैठक में 15 संभागों जिसमें राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर , रीवा, होशंगाबाद, छिंदवाड़ा, नीमच, दतिया, मंदसौर, नरसिंहपुर, रतलाम और सतना जिले के कलेक्टर (collector) और एसपी (sp) को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (video conferencing) के माध्यम से बैठक में जुड़ने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा भोपाल इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा और होशंगाबाद संभाग के संभागीय आयुक्त और आईजी (IG) को भी बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए गए थे।

बता दें कि इससे पहले गुरुवार को सीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक की थी। जहां उन्होंने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वही बैठक में सीएम ने जैसे कि प्रदेश में स्पेशल टीम गठित कर इस अनैतिक कारोबार और नशे की लत को बढ़ने के कार्य को रोका जाए।सीएम शिवराज ने सख्ती दिखाते हुए कहा है कि अपराधों से जुड़े व्यक्तियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों को इसके दुष्परिणाम भुगतने होंगे।