एक्शन में सीएम शिवराज, नए साल में कलेक्टर-कमिश्नर की लेंगे पहली बैठक

इसके साथ ही साथ बैठक में महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के विषय में भी चर्चा की जा सकती है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार (shivraj government) के रवैए आजकल बदले बदले से नजर आ रहे हैं। अपराधियों और भ्रष्टाचारियों पर लगातार नकेल कसने के लिए सीएम शिवराज (CM Shivraj) बड़े एक्शन ले रहे। इसी बीच 2021 के आगाज की बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहली बैठक कलेक्टर (collector) और कमिश्नर (commissioner) की लेंगे। यह बैठक 4 जनवरी को आयोजित की जाएगी। जहां चिटफंड कंपनियों के घोटाले सहित अन्य कार्रवाई पर सीएम शिवराज अधिकारियों से जानकारी लेंगे। इसके साथ सीएम शिवराज कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों से चिटफंड कंपनियों से रिकवरी की जानकारी भी मांगेंगे।

दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोटाले में शामिल चिटफंड कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके साथ ही सीएम शिवराज ने निर्देश देते हुए कहा था कि जिन भी लोगों का पैसा चिटफंड कंपनियों ने फ्रॉड के माध्यम से प्राप्त किया है। उन लोगों को पैसा वापस किया जाए। अब ऐसे में प्रदेश के कुछ जिलों में पुलिस अधिकारियों को सफलता प्राप्त हुई है। इसके बाद 4 जनवरी को आयोजित होने वाली बैठक मैं सीएम शिवराज चिटफंड कंपनियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी लेंगे। वहीं कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों से इन कंपनियों से हुई रिकवरी की भी चर्चा करेंगे।

ज्ञात हो कि चिटफंड कंपनियों के एजेंट ने हजारों बेरोजगार से 11 करोड़ से अधिक की ठगी की है। इसके अलावा किसान उनका सबसे बड़ा शिकार है। जिन्हें धोखाधड़ी के मामले में फंसाकर उनसे करोड़ों की रकम वसूली गई है। वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सिर्फ जबलपुर संभाग से करोड़ों की ठगी की जानकारी प्राप्त की है।

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दूसरी तरफ चिटफंड कंपनियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को शिकार बनाए गए मामले में भी जांच की जा रही है। पुलिस का अंदेशा है कि ग्रामीण क्षेत्र में भी चिटफंड की कई कंपनियां सक्रिय है और उनके एजेंट लगातार लोगों को धोखाधड़ी के मामले में फंसाकर उनसे पैसे वसूल रहे हैं। सूत्रों की माने तो सागर, छतरपुर, रतलाम, नीमच, आगर मालवा और देवास में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। जिनमें पुलिस प्रशासन को चिटफंड कंपनियों के घोटाले का पता चला और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।

अब ऐसे में प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त करने की शिवराज सरकार की मुहीम में पुलिस को मिली सफलता के बाद नए साल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कमिश्नर कलेक्टर्स की बैठक लेंगे और फ्रॉड में लिप्त कंपनियों पर कार्रवाई और उनसे रिकवरी की जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके साथ ही साथ बैठक में महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के विषय में भी चर्चा की जा सकती है।