MP News

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश के हाउसिंग सोसायटी (housing society) पीड़ितों के लिए राहत भरी खबर है। दरअसल शिवराज सरकार (shivraj government) ने हाउसिंग सोसायटी के विवादों को सुलझाने का काम शुरू कर दिया है। इंदौर में हुई कार्रवाई के बाद अब राजधानी भोपाल (bhopal) में इसके लिए तैयारियां की गई है। उम्मीद की जा रही है कि 15 मार्च से पहले सीएम शिवराज (CM Shivraj) के हाथ हाउसिंग सोसाइटी के पीड़ितों को उनके अधिकार पत्र सौंप जाएंगे।

दरअसल सहकारिता विभाग द्वारा कलेक्टर अविनाश लवानिया (avinash lavania) के निर्देश पर अफसरों ने विवादित हाउसिंग सोसायटी की सूची तैयार की है। उम्मीद है कि 15 मार्च से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) पीड़ितों को उनके अधिकार पत्र सौंपेंगे। वही शुरुआत में सात सोसाइटी के 352 पीड़ितों को प्लॉट के अधिकार पत्र सौंपे जाएंगे।

Read More: MP News: प्रमोशन में आरक्षण पर फैसला जल्द, टीम ने राज्य शासन को सौंपी रिपोर्ट, ये होंगे नियम

इस मामले में सहकारिता विभाग के उपायुक्त का कहना है कि 300 से ज्यादा सोसायटियों की जांच कराई गई है। जिसमें लोगों को उनके फंसे जमीन का मालिकाना हक दिलाया जाएगा। हाउसिंग सोसायटी की बात करें तो महाराजा अग्रसेन सोसाइटी में 233 लोगों को उनके अधिकार पत्र दिए जाएंगे। इसके अलावा अशोक सोसायटी के 38, आदर्श सोसायटी के 30, हिलटॉप के 70, भोपाल पुलिस के 25, न्यू बल्लभ के 21 और बुंदेलखंड के 21 सहित हजरत निजामुद्दीन के 92 पीड़ितों को उनके प्लॉट का अधिकार दिया जाएगा।

बता दें कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने हाउसिंग सोसायटी के खिलाफ मुहिम चलाई थी। जिसे सत्ता परिवर्तन के बाद कुछ दिनों तक ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। मामले में पीड़ितों का कहना है कि सालों पहले प्लॉट के लिए भुगतान किया गया था लेकिन हाउसिंग सोसाइटी में पैसा जमा कराए जाने के बाद भी ना उनके हिस्से में प्लॉट आया ना ही पैसे वापस मिले।

इस मामले में शिवराज सरकार के मंत्री अरविंद भदौरिया का कहना है कि जल्दी गड़बड़ी करने वाले सोसायटियों के खिलाफ मुहिम शुरू की जाएगी और पीड़ितों को उनके प्लॉट का अधिकार पत्र जलाया जाएगा। ज्ञात हो कि अकेले इंदौर भोपाल में 14 से 57 ऐसी हाउसिंग सोसायटी है जो विवादित है। वही पिछले दिनों इंदौर में विवादित हाउसिंग सोसायटी यों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जिसके बाद अब कलेक्टर अविनाश लवानिया के निर्देश पर राजधानी भोपाल में यह कार्रवाई की जा रही है।