कोरोना की आक्रामकता, सभी रिकॉर्ड ध्वस्त, 24 घंटे में मिले 8998 मरीज, 40 की मौत

राजधानी भोपाल में 1456, ग्वालियर में 576 और जबलपुर में 552 पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है। इसके अलावा उज्जैन में 317 सहित अन्य क्षेत्रों में भी 100 से 200 के बीच संक्रमित मरीजों की रिपोर्ट सामने आई है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। एक तरफ जहां देश में कोरोना विस्फोट (corona) की स्थिति बनी हुई है। वहीं प्रदेश में संक्रमण की रफ़्तार शासन और प्रशासन को चिंता में डाल रही हैं। आए दिन बड़ी संख्या में संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो रही है। सोमवार को प्रदेश में करीब 9000 मामले सामने आए हैं। वही 40 लोगों की मौत हो गई है।

दरअसल बीते 24 घंटे में मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में 8998 संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। जिसके बाद संक्रमण दर 19.33 फ़ीसदी पहुंच गया है। 24 घंटे में 40 लोगों ने अपनी जान गवा दी है। बीते 24 घंटे में 2500 के करीब मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। जिसके बाद प्रदेश में एक्टिव केस (active cases) बढ़कर 43539 पहुंच गए हैं।

बता दें कि सबसे अधिक इंदौर और ग्वालियर में 6-6 मरीजों की मौत हुई है। वहीं भोपाल में 5 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। रतलाम में तीन देवास में 2 और आगर मालवा में 2 लोग कोरोना से अपनी जिंदगी की जंग हारे हैं। जिसके बाद प्रदेश में मौत का आंकड़ा 4261 के पार पहुंच गया है। इधर 24 घंटे में प्रदेश में सबसे ज्यादा संक्रमित इंदौर में 1552 रिकॉर्ड किए गए हैं। वहीं राजधानी भोपाल में 1456, ग्वालियर में 576 और जबलपुर में 552 पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है। इसके अलावा उज्जैन में 317 सहित अन्य क्षेत्रों में भी 100 से 200 के बीच संक्रमित मरीजों की रिपोर्ट सामने आई है।

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संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए 60% मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा दी गई है। जबकि 40% मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। बावजूद इसके सरकार द्वारा सभी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते दिनों कहा कि अगले दो-तीन दिन में रेमिडिसिविर इंजेक्शन का संकट दूर कर दिया जाएगा। वहीं प्रदेश में 2000 ऑक्सीजन कंसंट्रेशन मशीन खरीदने के निर्देश भी दे दिए गए हैं। ज्ञात हो कि इससे पहले रविवार को प्रदेश में कुल 6489 नए मरीजों की पुष्टि हुई थी। जहां संक्रमण की रफ्तार 17.24 थी वहीं संक्रमण की रफ्तार 2 फीसद बढ़कर 19.3 पहुंच रही है।

बता दे कि 1 दिन में 46526 सैंपलों की जांच की गई। जिसमें 8998 संक्रमित मरीज मिले हैं। जिसके बाद इतना तो तय है कि कोरोना कि दूसरे लहर पहले लहर से ज्यादा खतरनाक है। बता दे कि इतने ही मरीजों की पुष्टि आज से लगभग साल भर पहले 4 जुलाई 2020 को हुई थी। जहां प्रदेश में 8996 केस रिकॉर्ड किए गए थे।