इंदौर, आकाश धोलपुरे। एक तरफ तो मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए वही दूसरी और अगस्त माह में कोरोना से संक्रमित मरीजो का आंकड़ा 5 हजार के करीब तक जा पहुंचा है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में अब कोरोना न सिर्फ कहर के रूप बल्कि किसी बड़े सैलाब के रूप में सामने आ रहा है।

बता दे कि सरकारी आंकड़ो के मुताबिक इंदौर में शुक्रवार को कोरोना के 226 नये पॉजिटिव केस सामने आए जिसके बाद कोरोना के कुल मरीजो की संख्या 12445 तक जा पहुंची है और इन्ही में से 3383 संक्रमित मरीजो का इलाज कोविड अस्पतालों में जारी है हालांकि इंदौर में रिकवरी रेट जरूर राहत देने वाला है और शहर में अब तक 8688 मरीज कोरोना से जंग जीतने के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके है। वही शुक्रवार कोविड के कारण 5 लोगो ने अपनी जान गंवाई है और कोरोना से मौत के मामले 384 तक जा पहुंचे है।

अब बात की जाए अकेले अगस्त माह में संक्रमण में तेजी से बढ़ोतरी की तो हमने मीडिया जगत और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण लोगो से बात की और जानना चाहा कि आखिर संक्रमण के तेजी से फैलाव की वजह क्या है तब इंदौर में सीधे और असल मुद्दों पर बेवाक प्रश्न रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार हरीश फतेहचंदानी ने बताया कि शहर के पूरी तरह से खुल जाने के बाद कोरोना की वास्तविक स्थिति का भान हो सकेगा वही दूसरी ओर उन्होंने सीएम के आयोजन में हजारो लोगो के खाना खिलाने पर सवाल उठाते हुए कहा संक्रमण के फैलाव के लिए राजनीतिक जगत से जुड़े लोग जिम्मेदार है और नेताओं पर कार्रवाई की जानी चाहिये। वही सीएम द्वारा किये गए भूमिपूजन के बाद जमा भीड़ को लेकर प्रशासन के द्वारा तुरंत कार्रवाई न किये जाने को लेकर को भी बड़ी वजह मानते हुए कहा कि प्रशासन के नियम आम लोगो के लिए लेकिन नेताओ और उनके द्वारा किये जाने वाले आयोजन पर शिकंजा कसना चाहिए। वही वरिष्ठ पत्रकार हरीश फतेहचंदानी ने ये भी माना कि जब तक लोगो की इम्युनिटी विकसित नही होगी तब तक 200 से 300 के बीच संक्रमित आते रहेंगे।

इधर, बाल आयोग की पूर्व सदस्य और समाजसेवी डॉ. रजनी भंडारी ने एम.पी. ब्रेकिंग न्यूज़ को बताया की लोग यदि मास्क पहनने की आदत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना ले तो संक्रमण का खतरा 80 प्रतिशत तक टल जाता है वही उन्होंने कहा कि जरुरत पड़ने पर ही लोगो के घर से बाहर निकलने की आदत भी डालनी चाहिए लेकिन लोग मास्क पहनना तो भूल ही रहे है साथ ही दूसरी ओर लोग कोरोना के प्रति बेपरवाह हो गए है इसी का परिणाम है कि संक्रमण का फैलाव तेजी से बढ़ रहा है। डॉ. रजनी भंडारी ने ये भी माना कि राजनीतिक आयोजनों को टाला जाना चाहिए और शुक्रवार व उससे पहले भी हुए राजनीतिक आयोजनों को संक्रमण के फैलाव का एक बड़ी वजह मानते हुए कहा कि वर्तमान में राजनीतिक आयोजनों को पूरी तरह से बन्द किया जाना चाहिए और जब उचित समय के आने का इंतजार कर ऐसे आयोजनों को तब तक टाल देना चाहिये।

चर्चा के दौरान ये बात अब खुलकर सामने आ रही है कि अब प्रशासन को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिये गए निर्देशों का पालन कर राजनीतिक आयोजनों पर रोक लगानी चाहिए क्योंकि शुक्रवार को सीएम ने ही कहा है कि कोविड के लागू होने वाले नियम सभी के लिए समान है।