भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में सूचना का अधिकार अधिनियम (Right to Information Act) के तहत सूचना नहीं देना अधिकारी को भारी पड़ गया है। जिसके बाद आयोग (commission) ने नगर निगम के लोक सूचना अधिकारी (Public Information Officer) को दोषी करार देते हुए उसपर 25000 का जुर्माना (fine) ठोका है।

दरअसल प्रदेश में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी नहीं देने पर नगर निगम के लोक सूचना अधिकारी पर गाज गिरी है। जहां आयोग ने सूचना अधिकारी अधीक्षक यंत्री और प्रभारी जिला संरक्षक को नोटिस जारी किया था। लोक सूचना अधिकारी पर आरोप है कि आरटीआई (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी में आवेदक को जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी।

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इस मामले में आवेदक ने शिकायत दर्ज की थी। वहीं आवेदक द्वारा खानूगांव स्थित बड़ा तालाब रिटेनिंग वॉल की डीपीआर संबंधी जानकारी मांगी गई थी। जहां वर्ष 2016 को आवेदक को जानकारी उपलब्ध कराई गई थी। जिसके बाद आवेदक द्वारा दोबारा जानकारी मांगी गई। इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने सूचना नहीं देने के मामले में नगर निगम के लोक सूचना अधिकारी को दोषी पाया है

बता दें कि मामला 2016 का है जिसके बाद आवेदक कि शिकायत पर मुख्य सूचना आयुक्त एके शुक्ला ने नितिन सक्सेना की याचिका पर सुनवाई की और दोषी लोक सूचना अधिकारी को 25000 के जुर्माना देने के आदेश जारी किए हैं।