अवैध रेत खनन : विभाग-प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, करोड़ों के रेत ट्रॉली को किया नष्ट, कार्रवाई जारी

एक तरफ जहां कांग्रेस अवैध खनन को लेकर हमले बोलती रहती है तो वहीं अब सरकार के भीतर से भी आवाजें उठने लगी हैं सिर्फ कृषि मंत्री कमल पटेल, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी अवैध खनन का मामला उठाया और उस पर रोक लगाने की मांग करते हुए अवैध खनन को रोकने वाले अफसरों पर होने वाले हमले का भी जिक्र किया।

मुरैना, संजय दीक्षित। वन विभाग की एसडीओ महिला अधिकारी पर बीते दो माह में 9 बार खनन माफियाओं ने हमले किया है लेकिन उसके बाबजूद उसके हौंसले इतने बुलन्द है कि अवैध रेत खनन माफ़ियायों पर कार्यवाही करने में पीछे नही हट रही है।आज सुबह करीब 4 बजे देवगढ़ थाना क्षेत्र में जौरा एसडीएम, एसडीओपी और तीनो थाने के थाना प्रभारी और भारी संख्या में पुलिस बल मोके पर पहुँच गए।

जानकारी के अनुसार मुरैना जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र में वन विभाग, पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम ने आज सुबह 4 बजे से ही गुढा चम्बल थाना देवगढ़ में रखा करीब 1000 ट्रॉली से ज्यादा अवैध रेत के स्टाक को नष्ट कर मिट्ठी में मिलाया गया है।जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए बतायी गयी है।गुढा चम्बल थाना देवगढ़ जिला मुरैना में वन विभाग की एसडीओ श्रद्धा पांढ़ेर को शिकायत मिली थी कि चम्बल नदी से एकत्रित कर रेत माफियाओं ने रेत का स्टाक कर लिया हैं।

इस सूचना पर वन विभाग की एसडीओ श्रद्धा पांढेर, जौरा एसडीएम सुरेश वरहादिया, जौरा एसडीओपी मानवेन्द्र सिंह कुशवाह सहित तीनो थाने के थाना प्रभारी, जौरा तहसीलदार कल्पना शर्मा, राजस्व व पुलिस लाइन बल , चिन्नाौनी , देवगढ़, बागचीनी , सरायछोला के पुलिस स्टाफ के साथ सुबह गुड़ा चम्बल में पहुंच कर माफ़ियायों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्यवाही शुरू कर दी हैं। गांव की सीमा शुरू होने से पहले ही अवैध रेत का स्टाक रखा हुआ था। जिसे जेसीबी की मदद से देवगढ़ में रखा दर्जनों ट्रॉली से ज्यादा रेत को मिट्टी में मिलाकर नष्ट करवा दिया गया हैं।

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गुढ़ा चम्बल गांव की रोड पर जब प्रशासन की टीमें कार्रवाई कर रही थीं, तब रेत माफिया के लोग आसपास भीड़ एकत्रित करने लगे, लेकिन हथियारबंद पुलिस व एसएएफ जवानों के आगे दूर से ही तमाशबीन की तरह खड़े रहे।पिछले दिनों मुरैना में वन विभाग की महिला अधिकारी श्रद्धा पांढरे पर हुए हमले ने तूल पकड़ा था। महिला अधिकारी पर बीते दो माह में 9 बार खनन माफियाओं ने हमले किए। अब उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा सरकार की ओर से दी जा चुकी है ।महिला अधिकारी पर 9 बार हमला होने के बाद भी अवैध खनन माफियाओं के विरुद्ध ताबड़तोड़ कार्यवाही जारी है।

एक तरफ जहां कांग्रेस अवैध खनन को लेकर हमले बोलती रहती है तो वहीं अब सरकार के भीतर से भी आवाजें उठने लगी हैं सिर्फ कृषि मंत्री कमल पटेल, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी अवैध खनन का मामला उठाया और उस पर रोक लगाने की मांग करते हुए अवैध खनन को रोकने वाले अफसरों पर होने वाले हमले का भी जिक्र किया। राज्य सरकार के सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया ने भी रेत में होने वाले खेल का मामला उठाया। उन्होंने ओवर लोडिंग का जिक्र करते कहा कि मध्य प्रदेश से एक ट्रक जाता है और उत्तर प्रदेश में सीमा पर रेत को खाली कर दो ट्रक में बदल दिया जाता है

वन विभाग की एसडीओ श्रध्दा पांढरे ने कहा कि हमें गुढ़ा चम्बल में अवैध रेत के स्टाक की सूचना मिली थी जिस पर कार्रवाई करते हुए अवैध रेत को नष्ट किया जा रहा है कार्यवाही जारी है। यहाँ रेत की ट्रॉली 1000 के आसपास हो सकती है।जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए अंकित की गई हैं।