जीभ से करें शीतली प्राणायाम, नहीं सताएगी नौ तपे की गर्मी

ऐसा योगासन भी है जो आपको अंदर से ठंडा रखता है। फिर दिन चाहें गर्मियों के हों या जल्द ही शुरू होने वाले नौ तपे के हों। इस आसान से आप गर्मी को आसानी से मात दे सकते हैं।

जीवनशैली, डेस्क रिपोर्ट। Sheetali Pranayam:- गर्मी से राहत के लिए आपने अब तक कई जतन किए होंगे। आपने एसी की हवा में घंटो बिताए होंगे। नींबू शिकंजी से लेकर कोल्ड ड्रिंक तक ट्राई की होगी। इस गर्मी से राहत के लिए आपने क्या कभी आपने योगासन ट्राई किया। ऐसा योगासन भी है जो आपको अंदर से ठंडा रखता है। फिर दिन चाहें गर्मियों के हों या जल्द ही शुरू होने वाले नौ तपे के हों। इस आसान से आप गर्मी को आसानी से मात दे सकते हैं। शायद इसलिए इस योगासन को नाम ही शीतली प्राणायाम (Sheetali Pranayam) दिया गया है। जो करने में बहुत आसान है और समय भी बहुत कम लेता है।

यह भी पढ़े…  BGauss D15:भारत में लॉन्च हुआ एक और इलेक्ट्रिक स्कूटर, जाने कीमत, डिजाइन और फीचर्स  

कैसे करें शीतली प्राणायाम
  • इस प्राणायाम को करने के लिए आप किसी भी एक जगह पर बैठ जाएं।
  • ध्यान रहे जगह ऐसी हो की आपको खुली हवा मिलती रहे. अगर जमीन पर बैठें तो मैट या चादर बिछाना बिलकुल न भूलें।
  • शीतली प्राणायाम में किसी खास मुद्रा में बैठने की जरूरत नहीं होती। फिर भी अगर आप पदमासन लगाकर बैठ सकें तो बेहतर होगा।
  • एक बार बैठने के बाद अब शीतली प्राणायाम शुरू करना है। इस आसन के लिए अपनी जीभ को मुंह से बाहर निकालें।
  • जीभ को इस तरह घुमाने की कोशिश करें कि जीभ के दोनों सिरे अंदर की तरफ घूमे और पाइप के आकार के नजर आएं।
  • जीभ को इसी तरह घुमाए हुए ही आपको सांस लेनी कोशिश करना है।
  • सांस मुंह से जीभ के जरिए लेना है और नाक से छोड़ना है।
  • आपको ये भी ध्यान रखना है कि सांस छोड़ने का समय, सांस लेने के समय से ज्यादा हो. यानि सांस को बहुत धीरे धीरे छोड़ना है।

यह भी पढ़े…  पैकेट में बंद ब्रेड के फायदे और नुकसान, जाने ब्रेड से बने टेस्टी कलाकंद की रेसिपी 

शीतली प्राणायाम के फायदे
  • शीतली प्राणायाम शरीर में ठंडक बनाए रखता है। इस प्राणायाम से दिमाग भी शांत रहता है।
  • इस प्राणायाम से स्ट्रेस लेवल भी कम होता है।
  • शीतली प्राणायाम भूख और प्यास पर काबू रखता है. पेट से जुड़ी समस्याएं भी कम होती है।
कौन न करें शीतली प्राणायाम?
  • आपको सांस से जुड़ी कोई तकलीफ है। मसलन अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या कफ जमना तो आप ये प्राणायाम न करें।
  • ब्लडप्रेशर में बहुत ज्यादा उतार चढ़ाव आते हों। खासतौर से बीपी लो रहता हो तो भी शीतली प्राणायाम करना नुकसानदायी हो सकता है।
  • जो लोग बहुत ठंडी जगह पर रहते हैं या जिनकी तासीर ठंडी है उन्हें भी शीतली प्राणायाम नहीं करना चाहिए।

Disclaimer: इस खबर का उद्देश्य केवल शिक्षित करना है। कृपया कोई भी कदम उठाने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।