पूर्व राज्यसभा सांसद के घर टूटा पहाड़, बेटे के मौत के बाद मां-पिता ने दो बेटियों संग लगाई फांसी

सुसाइड नोट के मुताबिक उन्होंने अपने परिवार सहित बेटे के बिना जीने की कोशिश की लेकिन जिंदगी उन्हें भारी लग रही है। जिसके बाद उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का निर्णय लिया है।

suicide

सीकर, डेस्क रिपोर्ट। 18 वर्षीय बेटे की मौत के बाद एक ही परिवार के 4 लोगों ने खुदकुशी कर ली। मौके पर पहुंची पुलिस (police) के मुताबिक लोहे के गर्डर से फांसी लगाई गई है। पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट (suicide note) भी बरामद हुई है। जिसमें कहा गया है कि बेटे के बिना परिवार जीवित नहीं रहना चाहता। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब हनुमान के घर रविवार शाम दूध वाला दूध देने पहुंचा। जहां काफी देर देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद जब दरवाजा नहीं खुला तो दूध वाले ने हनुमान के छोटे भाई के बेटे को फोन किया। जिसके बाद परिवार वालों ने मिलकर दरवाजा खोला और इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी।

दरअसल रविवार को राजस्थान के सीकर में BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दिवंगत मदनलाल सैनी (late madanlal saini) के भतीजे ने अपने परिवार के 4 लोग के साथ फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। फांसी लगाने वालों में 48 वर्षीय हनुमान प्रसाद सैनी (hanuman prasad saini), 45 वर्षीय तारा देवी और दो बेटियां पूजा और अनु के शव पुलिस ने बरामद किए हैं। इसके अलावा पुलिस को सुसाइड नोट भी बरामद हुई है। जिसमें लिखा हुआ है कि हनुमान प्रसाद सैनी, अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ खुदकुशी कर रहे हैं।

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सुसाइड नोट के मुताबिक उन्होंने अपने परिवार सहित बेटे के बिना जीने की कोशिश की लेकिन जिंदगी उन्हें भारी लग रही है। जिसके बाद उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही हनुमान सैनी ने सुसाइड नोट में लिखा है कि उनके पास किसी चीज की कमी नहीं है। ना ही उन पर किसी का कोई कर्ज यह बकाया है। सुसाइड नोट में हनुमान सैनी ने प्रशासन से अपील की है कि उनके किसी भी परिवारिक को परेशान न किया जाए। उन्होंने अपने छोटे भाई सुरेश सैनी से कहा है कि उनका अंतिम संस्कार परिवार की तरह ही किया जाए। जानकारी के मुताबिक हनुमान प्रसाद सैनी भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद स्व मदन लाल सैनी के भतीजे थे। हनुमान प्रसाद सरकारी स्कूल में फोर्थ क्लास कर्मचारी थे।

पुलिस के अनुसार बीते 27 सितंबर को हनुमान सैनी के 18 वर्षीय पुत्र की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से पूरा परिवार शोक में रहने लगा था। इतना ही नहीं पड़ोसियों की मानें तो बेटे की मौत के बाद परिवार ने घर से निकलना भी बंद कर दिया था। बेटे की मौत के बाद तनाव में आए परिवार ने 4 दिन पहले ही मिस्त्री को बुलवा कर अपने घर में लोहे के गडर लगवाए थे।

पुलिस ने आशंका जताई है कि परिवार ने सुसाइड का प्लान बहुत समय पहले ही तैयार कर लिया था। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि सुबह हनुमान और उनकी पत्नी तारा सैनी द्वारा सुसाइड नोट खाना खाते वक्त ही लिखा गया था। दोपहर में अपने छोटे भाई से फोन पर बात के बाद हनुमान और तारा सैनी ने अपनी दो बेटियों सहित फांसी लगा ली।

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