कांग्रेस नेता की मौत मामले में हमीदिया अस्पताल प्रबंधन को मिली क्लीनचिट

रिपोर्ट के मुताबिक मरीजों की मृत्यु का विद्युत सप्लाई अवरोध से कोई संबंध नहीं है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। पिछले दिनों भोपाल (Bhopal) की हमीदिया अस्पताल (Hamidia hospital) के कोरोना वार्ड (Corona ward) में बिजली (electricity) गुल होने से कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद अकबर खान (Akbar khan) की मौत हो गई थी। इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी थी। भोपाल कमिश्नर कविंद्र कियावत (Kavindra Kiyavat) ने राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जिसके मुताबिक गांधी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को क्लीन चिट (cleanchit) दिया गया है और बिजली गुल होने से मरीज की मौत वाली बात से इनकार किया गया है।

राज्य शासन को भेजी अपनी रिपोर्ट में कमिश्नर कियावत ने कहा है कि यह सही है कि डेढ़ घंटे के लिए हमीदिया अस्पताल परिसर के कोरोना वार्ड को छोड़कर अन्य सभी वार्डों की बिजली गई थी लेकिन जब बिजली आई तो पूर्व पार्षद की हालात सामान्य थी। कमिश्नर कविंद्र कियावत ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अकबर खान की मौत उनकी हालत गंभीर होने की वजह से हुई है। इसके साथ ही कमिश्नर ने उन सभी आरोपों को खारिज किया। जिसमें कहा गया था कि बैकअप सिस्टम काम नहीं करने की वजह से कांग्रेस नेता अकबर खान की मौत हुई थी।

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कवींद्र कियावत ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अस्पताल प्रबंधन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है। अकबर खान वेंटिलेटर सपोर्ट में थे और उन्हें बेहतर सेवाएं दी जा रही थी। हालांकि कविंद्र कियावत ने अपनी रिपोर्ट में स्वीकार किया है कि जांच के क्रम में मेडिकल फॉल्ट जरूर सामने आए हैं। जिस पर पीडब्ल्यूडी विभाग को नोटिस दिया गया है और इसके साथ ही साथ उनके एक अधिकारी राकेश नरवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक मरीजों की मृत्यु का विद्युत सप्लाई अवरोध से कोई संबंध नहीं है। विद्युत प्रवाह में अवरोध की घटना के दौरान बैटरी बैकअप के माध्यम से मरीजों को सेवा दी जा रही थी तथा वेंटीलेटर के संचालन के लिए बैकअप पॉवर उपलब्ध था। जांच रिपोर्ट के अनुसार 67 वर्ष अकबर खान कोरोना से गंभीर रूप से पीड़ित थे। उन्हें हृदय रोग, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह की बीमारी थी। वे आईसीयू में वेंटीलेटर पर थे। गंभीर हालत में रहते हुए उनकी मृत्यु हुई।

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वहीँ 70 वर्षीय अब्दुल रहीम कोरोना, मधुमेह व हृदय रोग से पीड़ित थे। उनकी मृत्यु कोरोना से ग्रसित रहते हुए निमोनिया के प्रभाव में हुई। जबकि बाबूलाल मालवीय, 84 वर्ष कोरोना और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थे। हृदय गति में अनियमित उतार—चढ़ाव के कारण इनकी मृत्यु हुई।

बता दे कि संभागायुक्त कवींद्र कियावत ने इस पूरे मामले की दो बिंदुओं पर जांच की थी। जिसमें पहले बिंदु पर हमीदिया अस्पताल में 11 दिसंबर की शाम 5:45 से 7:15 के लिए विद्युत आपूर्ति का अवरुद्ध होना और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। वहीं दूसरे बिंदु 11 दिसंबर की रात 10:00 से 12 दिसंबर की सुबह 5:00 बजे की अवधि में तीनों मृत्यु का कारण क्या था।

बता दे कि भोपाल के सबसे बड़े अस्पताल हमीदिया के कोरोना बाद में शुक्रवार को 2 घंटे के लिए बिजली चली गई थी। जिस दौरान पावर बैकअप की कोई व्यवस्था नहीं होने की वजह से आईसीयू में भर्ती एक कांग्रेसी नेता की मौत हो गई थी। इस मामले में सवाल उठने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जांच के आदेश दिए थे और शाम तक रिपोर्ट सौंपे जाने की बात कही थी। अब कलेक्टर कवींद्र कियावत ने रिपोर्ट में किसी भी लापरवाही की घटना को खारिज किया है।