हमीदिया मे कर्मचारियों का कारनामा, हिन्दू की जगह मुस्लिम महिला का हो गया दाह संस्कार

हमीदिया अस्पताल (Hamidia Hospital ) से एक बड़ी लापरवाही की खबर सामने आई है। जहां अस्पताल के मॉर्चुरी वार्ड (Morchery ward) में बड़ी गलती हो गई, मॉर्चुरी में रखे दो महिलाओं के शवों की कर्मचारियों से गलती से अदला-बदली हो गई,

हमीदिया अस्पताल

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश में जहां एक और कोरोना महामारी (Corona epidemic)से प्रशासन और जनता परेशान है, उसी बीच आज भोपाल (Bhopal) के जानेमाने हमीदिया अस्पताल (Hamidia Hospital ) से एक बड़ी लापरवाही की खबर सामने आई है। जहां अस्पताल के मॉर्चुरी वार्ड (Morchery ward) में बड़ी गलती हो गई, जिससे अस्पताल में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल मॉर्चुरी में रखे दो महिलाओं के शवों की कर्मचारियों से गलती से अदला-बदली हो गई, फिर क्या था जैसे ही ये बात महिलाओं के परिजनों को पता चली तो उन्होंने हंगामा कर दिया।

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इस तरह हुई शवों की अदला-बदली
जानकारी के मुताबिक लालघाटी में रहने वाली हिन्दू महिला जिसकी उम्र 50 साल थी और बीएचईएल इलाके में रहने वाली मुस्लिम महिला जिसकी उम्र 70 साल थी इन दोनों की गुरूवार सुबह मौत हो गई थी। जिसके बाद उन दोनों के शव को मॉर्चुरी में रखा गया था। जिसके बाद सुबह हिन्दू महिला का देवर आया और उसने कहा कि हमें अपनी भाभी की डेड बॉडी चाहिए और उसने मृतक महिला का कर्मचारियों को फोटो दिखाया जिसके बाद कर्मचारियों ने बिना टैग देखें उनको शव दे दिया। और देवर अपनी मृतक भाभी के शव को ले गया और परिजनों ने अपनी हिन्दू महिला के बजाय मुस्लिम महिला का अंतिम संस्कार कर दिया। वही जब दोपहर 3 बजे मुस्लिम महिला के परिजन अस्पताल पहुंचे तो उन्हें हिन्दू महिला का शव सौंप दिया गया जिसके बाद उन्होंने बताया कि यह तो हमारी भाभी का शव नहीं है। और उन्होंने शव लेने से इंकार कर दिया। वही सूचना मिलने के बाद जब हिंदू महिला के देवर को बुलाया गया तो उसने कहा कि जो शव मझे सौंपा गया था वो मुझे मेरी अपनी भाभी लग रही थी इसलिए मैंने शव ले लिया था। और इस तरह हमीदिया अस्पताल की मॉर्चुरी में एक हिन्दू और एक मुस्लिम महिला के शवों में अदला-बदली हो गई। वही इसमें साफ़ देखा जा सकता है की लापरवाही हमीदिया के दोनों कर्मचारियों की है, जिसने बिना टैग देखे शव को परिजनों को सौंप दिया।

वही जब इस मामले की जानकारी अस्पताल अधीक्षक डॉ आईडी चौरसिया को लगी तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से दोनों को तुरंत निलंबित करने के आदेश दे डाले। डा.चौरसिया द्वारा दोनों परिवार वालो को समझाया गया जिसके बाद मुस्लिम महिला के परिजन भी अस्थियों को लेने के लिए तैयार हो गए, उनका कहना है कि हम अस्थियों को चुनकर उनको दफना देंगे।

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