इंदौर: एसटीएफ की कार्रवाई, रेमडेसिवीर की कालाबाजारी करने वाले संचालक सहित 3 गिरफ्तार

एसटीएफ एस.पी. विजय खत्री ने बताया कि जब एसटीएफ की टीम राज मेडिकल स्टोर पर पहुंची तो वहां मौजूद मेडिकल संचालक अनुराग सिंह सिसौदिया को गिरफ्त में लिया गया और मेडिकल स्टोर के स्टॉक में पड़े 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन जब्त किये गए।

इंदौर, आकाश धोलपुरे। ऊंचे दामो पर कोरोना के इलाज के दौरान संजिवनी का काम करने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी जारी है। इसी कालाबाजारी पर नकेल कसने के लिए पुलिस और प्रशासनिक महकमा तेजी से काम कर रहा है। इसी के चलते इंदौर एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए न सिर्फ मार्केट में ऊंचे दामो पर इंजेक्शन बेचने वाले 2 लोगो को गिरफ्तार किया है बल्कि उनकी निशानदेही पर एक मेडिकल संचालक को भी गिरफ्तार किया है।

इंदौर एसटीएफ को जब इस बात की सूचना मिली कि 2 लोग रेमडेसिविर इंजेक्शन को 20 हजार रुपये में बेचने की फिराक में है तब एसटीएफ के आला अधिकारियों ने एक आरक्षक को पंटर बनाकर दोनो युवको के पास भेजा। जहां आरक्षक विवेक द्वेदी ने दोनों को इंजेक्शन के लिए एडवांस राशि दी और फिर महकमे को इशारा किया। इधर, इशारा मिलते ही पहले से मौजूद एसटीएफ की टीम ने चिड़ियाघर के समीप से दोनो युवको को पकड़ लिया।

वही उनके पास से 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन, आरक्षक द्वारा एडवांस में दी गई नगद राशि और एक दोपहिया वाहन को जब्त कर लिया। पकड़े गए दोनो आरोपियों के नाम राजेश पाटीदार और ज्ञानेश्वर बारस्कर बताये जा रहे है। एसटीएफ की गिरफ्त में आने के बाद जब दोनों से कड़ी पूछताछ की गई तो पता चला कि दोनों एक संगठित गिरोह के जरिये इंजेक्शन की कालाबाजारी को अंजाम दे रहे है। गिरफ्त में आये आरोपियों ने पूछताछ में एक बड़ा खुलासा किया और एसटीएफ को पता चला कि वो सभी 6 इंजेक्शन विजय नगर स्थित राज मेडिकल स्टोर से लाये थे।

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एसटीएफ एस.पी. विजय खत्री ने बताया कि जब एसटीएफ की टीम राज मेडिकल स्टोर पर पहुंची तो वहां मौजूद मेडिकल संचालक अनुराग सिंह सिसौदिया को गिरफ्त में लिया गया और मेडिकल स्टोर के स्टॉक में पड़े 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन जब्त किये गए। एसटीएफ ने मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन के स्टॉक संधारण और बिल के बारे पूछताछ की तो मेडिकल स्टोर संचालक कोई माकूल जबाव नही दे पाया।

एसटीएफ की जांच में ये बात भी सामने आई है कि पकड़ा गया आरोपी राजेश पाटीदार पहले सिप्ला कंपनी में काम करता था और बीते 5 वर्षो से वह अलबट्रो कंपनी में एम.आर. के तौर पर काम कर रहा है और इसी के चलते वह विजय नगर के राज मेडिकल स्टोर के संचालक अनुराग सिसौदिया के संपर्क में आया था और उसने वहां से इंजेक्शन लेकर धार जिले तक भी बेचे है। इधर, कालाबाजारी करने वाले संचालक अनुराग ने पूछताछ में बताया है कि उसने अन्य कई मेडिकल स्टोर्स को रेमडे सिविर इंजेक्शन बेचे है। फिलहाल, इस मामले में एसटीएफ की सर्चिंग जारी है वही इस मामले में और कई बड़े खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल, एसटीएफ ने कुल 12 इंजेक्शन जब्त किए है जिन्हें 20 – 20 हजार रुपये में आरोपियों द्वारा बेचा जाना था।