मुश्किल में कमलनाथ, SIT ने मांगी हनीट्रैप मामले की पेनड्राइव! इस दिन तक का दिया समय

SIT चीफ विपिन माहेश्वरी (vipin maheshwari) का कहना है कि अगर पेनड्राइव मिलती है तो इससे जांच में बड़ी मदद मिलेगी।

कमलनाथ

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। हनी ट्रैप मामले (Honey Trap Cases) में अपने बयान को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamalnath) में फंसते नजर आ रहे। दरअसल बीते दिनों पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा था कि उनके पास हनीट्रैप मामले की पेनड्राइव (pendrive) है। इसके बाद अब SIT ने उन्हें नोटिस जारी किया है। सूत्रों की माने तो SIT ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के हनीट्रैप बयान को जांच में शामिल किया है। इसके साथ ही SIT की जांच अधिकारी ने कहा है कि कमलनाथ वह पेनड्राइव उपलब्ध करा दें। इसके लिए उन्हें 2 जून तक का वक्त दिया गया है। मालूम है SIT जांच अधिकारी ने कहा कि वह खुद सुबह 11:00 बजे पेनड्राइव लेने कमलनाथ के पास पहुंचेंगे।

इस मामले में SIT चीफ विपिन माहेश्वरी (vipin maheshwari) का कहना है कि अगर पेनड्राइव मिलती है तो इससे जांच में बड़ी मदद मिलेगी। बता दे कि हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में उमर सिंगार मामले में बीजेपी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि उनके पास भी पेनड्राइव है।

हालांकि कमलनाथ के इस बयान के बाद BJP नेताओं द्वारा उन्हें घेरने का प्रयास किया गया था। इस मामले में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) ने कमलनाथ के बयान पर पलटवार करते हुए कहा था कि यदि कमलनाथ के पास हनी ट्रैप मामले की पेनड्राइव हे तो जल्द पेनड्राइव SIT को सौंपना चाहिए। ऐसा ना कर वह संविधान की अवज्ञा कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा था कि पेनड्राइव से कई आरोपी के चेहरे सामने आएंगे तो कमलनाथ पेनड्राइव SIT को सौंप दें।

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हालांकि इस मामले में कांग्रेस कमेटी मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा (narendra saluja) ने कमलनाथ का बचाव करते हुए कहा था कि कमलनाथ ने कभी नहीं कहा कि उनके पास ओरिजिनल पेनड्राइव है। बंद कमरे की मीटिंग से उड़ी-उड़ी खबर सामने आई है। किसी के पास भी कमलनाथ के बयान की कोई वीडियो या प्रमाणिकता हो तो उसे सार्वजनिक करें।

सूत्रों की माने तो एसआईटी ने इस मामले में कमलनाथ को नोटिस जारी किया है। वहीं जांच अधिकारी खुद कमलनाथ से पेनड्राइव लेने उनके पास पहुंचेंगे। अब ऐसी स्थिति में कांग्रेस और कमलनाथ द्वारा आगे क्या कार्रवाई की जाती है। यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन फिलहाल कमलनाथ अपने ही बयान के कारण मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं।