मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा का निधन, पार्टी में शोक लहर

लक्ष्मीकांत शर्मा बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गये थे। इसके बाद में  सरस्वती शिशु मंदिर, सिंरोज में आचार्य तथा तहसील सिंरोज के संघ कार्यवाहक भी रहे।

लक्ष्मीकांत शर्मा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) से बड़ी खबर मिल रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा (Laxmikant Sharma)  का कोरोना से निधन हो गया है। बीते दिनों उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें भोपाल के चिरायु अस्पताल ( Chiraayu Hospital bhopal) में भर्ती करवाया गया था, जहां थोड़ी देर पहले उन्होंने अंतिम सांस ली।उनके निधन की खबर लगते ही भाजपामें शोक लहर दौड़ गई है।

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दरअसल, पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा 11 मई को कोरोना संक्रमित (Corona Positive) हो गए थे, इसके बाद 12 मई को उन्हें भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था और रविवार को ही उनकी हालत स्थिर बताई गई थी लेकिन आज सोमवार देर शाम अचानक तबियत बिगड़ी और उनका निधन हो गया ।उनके निधन की खबर लगते ही भाजपा (BJP) में शोक की लहर दौड़ गई है।सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने उनके निधन पर दुख जताया है।

लक्ष्मीकांत शर्मा का राजनीतिक सफर

  • शर्मा बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गये थे। इसके बाद में  सरस्वती शिशु मंदिर, सिंरोज में आचार्य तथा तहसील सिंरोज के संघ कार्यवाहक भी रहे।
  • विश्व हिन्दू परिषद के जिला महामंत्री भी रहे तथा परिषद पर प्रतिबंध लगने के पश्चात हिन्दू चेतना मंच के जिला संयोजक रहे।
  • वर्ष 1993 में सम्पन्न दसवीं विधान सभा के निर्वाचन में श्री लक्ष्मीकांत शर्मा पहली बार विधान सभा सदस्य निर्वाचित हुए।
  • दसवीं विधानसभा के दौरान आपको आश्वासन, सार्वजनिक उपक्रम एवं पुस्तकालय समिति का सदस्य भी मनोनीत किया गया।
  • एक मुखर, सक्रिय और जागरूक विधायक श्री शर्मा की भूमिका को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें वर्ष 1996 में मध्यप्रदेश विधानसभा के उत्कृष्ट विधायक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 1998 में सम्पन्न ग्यारहवीं विधानसभा के चुनाव में  लक्ष्मीकांत शर्मा दूसरी बार सिरोंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए।
  • ग्यारहवीं विधानसभा में सजग एवं कत्तव्यनिष्ठ जनप्रतिनिधि की भूमिका निभाई बल्कि अपने निर्वाचन क्षेत्र और प्रदेश की जनसमस्याओं के निराकरण की दिशा में भी पहल की।
  •  वर्ष 2003 में सम्पन्न बारहवीं विधानसभा के चुनाव में तीसरी बार पुन: सिरोंज से विधायक चुना गया।
  • 28 जून 2004 को सुश्री उमा भारती मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शामिल कर जनसम्पर्क, खनिज साधन और जनशिकायत निवारण विभाग का उत्तरदायित्व सौंपा गया।
  • 27 अगस्त 2004 को मुख्यमंत्री  बाबूलाल गौर के मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ दिलाई गई।
  • खनिज साधन, जनशिकायत निवारण, संस्कृति, धार्मिक न्यास, धर्मस्व, पुनर्वास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का दायित्व सौंपा गया।
  • 4 दिसम्बर, 2005 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के मंत्रिमण्डल में राज्यमंत्री के रूप में सम्मिलित किया गया।
  • 25 अगस्त 2007 को केबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलायी गयी।
  •  2008 में सम्पन्न विधानसभा निर्वाचन में पुन: निर्चाचित हुए।
  • 20 दिसंबर 2008 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में शामिल किया गया।

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