मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव का बिगुल, शाम से लग सकती है आचार संहिता

इस बार मध्य प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव तीन चरणों में आयोजित कराए जाएंगे। सरपंच और पंचों को ऑनलाइन नामांकन नहीं बल्कि निर्वाचन कार्यालय में जाकर ही फॉर्म भरकर जमा कराने होंगे, लेकिन जिला पंचायत के लिए ऑनलाइन नामांकन किया जाएगा।

पंचायत चुनावों

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में बहु प्रतीक्षित पंचायत चुनाव (MP Panchayat Election 2021) की घोषणा आज शनिवार शाम चार बजे हो सकती है। संभावना जताई जा रही है कि आज शाम राज्य निर्वाचन आयोग इस चुनाव का पूरा कार्यक्रम घोषित कर सकता है। इस बात की पूरी उम्मीद है किए पंचायत चुनाव 3 चरणों में होंगे। लंबे समय से टलते पर आ रहे पंचायती राज चुनाव की आचार संहिता शनिवार की शाम से लग जाएगी। सूत्रों के हवाले मिली खबर के अनुसार, इन चुनावों के लिए तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। राज्य निर्वाचन आयोग शनिवार की शाम इसकी विधिवत घोषणा करेगा।

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दरअसल, इस बार मध्य प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव तीन चरणों में आयोजित कराए जाएंगे। सरपंच और पंचों को ऑनलाइन नामांकन नहीं बल्कि निर्वाचन कार्यालय में जाकर ही फॉर्म भरकर जमा कराने होंगे, लेकिन जिला पंचायत के लिए ऑनलाइन नामांकन किया जाएगा। वहीं जिला और जनपद में EVM से वोटिंग होगी और ग्राम स्तर पर मतपत्र के जरिए वोटिंग कराई जाएगी।इसके अलावा पंच, सरपंच, जनपद पंचायत तथा जिला पंचायत सदस्य के अभ्यर्थियों को अपने नाम-निर्देशन पत्र के साथ पंचायत को देय समस्त शोध्यों का अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

नाम निर्देशन पत्र के साथ अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले नाम-निर्देशन पत्र निरस्त कर दिया जाएगा। अदेय प्रमाण पत्र, नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा के लिए निर्धारित तिथि एवं समय तक संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को प्रस्तुत किए जा सकते हैं। अदेय प्रमाण पत्र निर्वाचन घोषणा के पूर्व के वित्तीय वर्ष तक का प्रस्तुत करना होगा। अर्थात यदि माह दिसंबर 2014 में निर्वाचन की घोषणा होती है तो 31 मार्च 2014 की स्थिति में अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।निर्धारित प्रारूप में अदेय प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत के लिए सचिव द्वारा, जनपद पंचायत के लिए CEO जनपद पंचायत द्वारा और जिला पंचायत के लिए CEO जिला पंचायत द्वारा जारी किया जाएगा।अभ्यर्थी द्वारा जिस पंचायत के लिए नाम-निर्देशन पत्र भरा जा रहा है, उस पंचायत का अदेय प्रमाण पत्र, नाम-निर्देशन पत्र के साथ संलग्न करना अनिवार्य होगा।

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बता दे कि मध्यप्रदेश में 23,835 ग्राम पंचायतें हैं। 904 जिला पंचायत सदस्य और 6035 जनपद सदस्य त्रि-स्तरीय पंचायत का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष- 52, जिला पंचायत उपाध्यक्ष- 52, जनपद पंचायत अध्यक्ष- 313, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष- 313, जिला पंचायत के सदस्य- 904, जनपद पंचायत के सदस्य- 6833, सरपंच- 23912, पंच- 3,77,551 शामिल है। इससे पहले 2014-15 में पंचायत चुनाव हुए थे। इससे 2020 तक उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है। परिसीमन से पहले प्रदेश में प्रदेश में 22 हजार 812 पंचायतें थीं।