कृषि विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा पर कमल पटेल का बड़ा बयान, बताया- कब घोषित होंगे परिणाम

ज्ञात हो कि कृषि विभाग के अधिकारी की भर्ती परीक्षा के बाद पिछले कई दिनों से प्रदेश में छात्रों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं छात्रों का आरोप है कृषि विभाग के अधिकारी भर्ती परीक्षा के लिए कुल 863 पदों पर फरवरी में परीक्षा आयोजित की गई थी। जहां बड़ी संख्या में अयोग्य उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

कमल पटेल

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कृषि विभाग (Agriculture Department) में अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में हुए घोटाले परीक्षार्थियों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। प्रदेश में कृषि छात्रों द्वारा सरकार (shivraj government) से जांच की मांग की जा रही है। इसी बीच कृषि विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा (Agricultural Development Officer Recruitment Examination) पर कृषि मंत्री कमल पटेल (kamal patel) का बड़ा बयान सामने आया है।

दरअसल सोमवार को कृषि भर्ती परीक्षा पर बोलते हुए मंत्री कमल पटेल ने कहा कि शिकायतों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि इस मामले में अगर कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मीडिया से बात करते हुए कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि कृषि छात्रों की तरफ से शिकायत दर्ज कराई गई है कि कृषि विभाग के अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में राज्य के एक ही अंचल के उम्मीदवारों को अन्य परीक्षार्थियों से ज्यादा अंक मिले हैं। जिससे शंका होना लाजमी है। इसलिए इस मामले मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

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ज्ञात हो कि कृषि विभाग के अधिकारी की भर्ती परीक्षा के बाद पिछले कई दिनों से प्रदेश में छात्रों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं छात्रों का आरोप है कृषि विभाग के अधिकारी भर्ती परीक्षा के लिए कुल 863 पदों पर फरवरी में परीक्षा आयोजित की गई थी। जहां बड़ी संख्या में अयोग्य उम्मीदवारों का चयन किया गया है। इसके साथ ही चयन सूची में शीर्ष 10 स्थानों पर सिर्फ ग्वालियर चंबल क्षेत्र के ही बच्चों का चयन किया गया है। जो निश्चित ही चौंकाने वाली बात है। इसके बाद से ही कृषि छात्रों द्वारा इस मामले की गंभीरता से जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की जा रही है।

बता दे कि कृषि विभाग के अधिकारियों की भर्ती परीक्षा प्रोफेशनल एग्जाम बोर्ड (MPPEB) द्वारा आयोजित की गई थी। जिसके बाद इस परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी की वजह से परीक्षार्थी इस गड़बड़ी को घोटाले का नाम दे रहे हैं। वहीं प्रदेश में इसे व्यापम घोटाले 2 के नाम से जाना जा रहा है।