पंचायत चुनाव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में नगरीय निकाय चुनाव (Urban body elections) के आरक्षण प्रक्रिया(Reservation process)  पर हाईकोर्ट (high court) ने रोक लगा दी है। उम्मीद जताई जा रही हैकि नगर निकाय चुनाव से पहले पंचायत चुनाव (panchayat election) कराए जाएंगे। वहीं अब पंचायत चुनाव में भी पेंच फंसता दिखाई दे रहा है। जिसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग (State election commission) ने सरकार को इस मामले में पत्र लिखा है।

दरअसल राज्य निर्वाचन आयोग शिवराज सरकार को आरक्षण प्रक्रिया पूरी करने के लिए पत्र लिखा है। इसके बाद मंगलवार को पंचायत विभाग ने पंचायत चुनाव के लिए अफसरों को निर्देश दिए हैं। अपने निर्देश मैं पंचायत विभाग ने अफसरों से जिला, जनपद और पंचायतों में तैयारियां पूरी रखने की बात कही है। इसके साथ ही को गाइड लाइन को पूरा करने का निर्देश दिया है।

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राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारी है यदि मार्च के अंतिम सप्ताह तक जिला पंचायत के अध्यक्ष की आरक्षण प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाता है तो अप्रैल में पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान संभव है। नगर निकाय चुनाव पर अभी लगाम लगने से प्रदेश में पंचायत चुनाव की चर्चा में तेजी आई है। माना जा रहा है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक पंचायत के अध्यक्षों का आरक्षण प्रक्रिया पूरा हो जाए। तो अप्रैल में 3 चरणों में से एक चरण के पंचायत चुनाव को पूरा किया जा सकेगा।

ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए जाएंगे। वही सदस्यों का चुनाव ईवीएम के जरिए होगा। वही सरपंच का चुनाव मतपत्र से कराया जायेगा। प्रदेश में कुल 23,912 ग्राम पंचायत है। जहां पहले चरण में 7527, दूसरे चरण में 7571, तीसरे चरण में 8814 ग्राम पंचायत का चुनाव करवाया जाना है।