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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश में होने वाली एमपी बोर्ड (MP Board) के 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा (10th 12th board exam) तिथि को आगे बढ़ाने का विचार किया जा रहा है। दरअसल मध्यप्रदेश में 10वीं की परीक्षा 30 अप्रैल से जबकि 12वीं की परीक्षा 1 मई 2021 से शुरू होनी है। वही कोरोना (corona) के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इन परीक्षाओं की तारीख को आगे बढ़ाने का विचार किया जा रहा है। इस मामले में अंतिम निर्णय समीक्षा बैठक में लिया जाएगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) सभी जिला कलेक्टरों के साथ जिलों की मौजूदा हालत पर बैठक करेंगे। इसके बाद 12 अप्रैल को 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा पर निर्णय लिया जाएगा। बता दे कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर तेजी से फैल रही है। जिसके बाद राज्य शासन ने भोपाल, इंदौर, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बेतूल, खरगोन, रतलाम में 15 अप्रैल तक स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया है। 10वीं और 12वीं परीक्षा को लेकर भी संशय की स्थिति बनी हुई है।

वहीं इस मामले में स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार (indar singh parmar) का कहना है कि कोरोना संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इसलिए अगर स्थिति बिगड़ी तो परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाया जाएगा लेकिन 15 अप्रैल के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं 9वी और 11वीं परीक्षा कैसे कराएं। इस पर भी कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

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बता दे कि प्रदेश में 9वीं और 11वीं की परीक्षा ओपन बुक पद्धति (Open book system) से कराए जाने पर विचार किया जा रहा है। इससे पहले राज्य सरकार द्वारा जनरल प्रमोशन (general promotion) से इंकार कर दिया गया है। वही संक्रमण के चलते 15 अप्रैल तक प्रदेश में स्कूल-कॉलेजों को बंद रखा गया है। अब ऐसी स्थिति में राज्य शासन द्वारा 9वी और 11वीं की परीक्षा ओपन बुक पद्धति से कराने पर विचार किया जा रहा है जबकि स्नातक प्रथम-द्वितीय और स्नाकोत्तर द्वित्तीय सेमेस्टर की परीक्षा भी ओपन बुक पद्धति से करवाई जाएगी।

बता दें कि इन सभी परीक्षाओं को मिलाकर प्रदेश में कुल 33 लाख से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। ऐसी स्थिति में परीक्षा को लेकर अभी संशय की स्थिति बरकरार है। सरकार द्वारा परीक्षा कार्यक्रम के मुताबिक परीक्षा की तैयारी की जा रही है। अगर कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होती है या उसमें स्थिरता आती है तो परीक्षा आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

इस मामले में परीक्षा केंद्र बढ़ाने के निर्देश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा दिए गए हैं। इसके साथ ही साथ परीक्षा केंद्र से 500 मीटर के दायरे में अनुपूरक परीक्षा केंद्र बनाए जा सकते हैं। जहां परीक्षा केंद्र के 30 से 50% विद्यार्थियों को शिफ्ट किया जा सकता है। वही शारीरिक दूरी नियम का पालन करना अनिवार्य होगा।