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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षा को रद्द (10th-12th exam cancel) कर दिया गया। इसके साथ ही 15 जुलाई तक दसवीं के रिजल्ट (result) देने की कवायद तेज कर दी गई है। वहीं 12वीं परीक्षा परिणाम के फार्मूले (exam formulae)पर अब तक फैसला नहीं हो सका है। हालाकि 12वीं के जो फार्मूला तैयार किए गए हैं, उसके मुताबिक 12वीं की परीक्षा परिणाम (exam result) को तैयार करने का अंतिम आधार 10वीं 2019 के रिजल्ट को रखा गया है।

12वीं के परीक्षा परिणाम को तैयार करने के लिए जो फार्मूला तैयार किया गया। उसमें हाई स्कूल और हाई सेकेंडरी के समान विषय में अंक देने की कोई दिक्कत नहीं है। हालांकि दिक्कत उन विषयों की है, जो विषय 10वीं में नहीं होते हैं। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा मंडल, MP Board द्वारा 10वीं के अंकों का औसत निकालकर 12वीं का परीक्षा परिणाम तैयार किया जाएगा।

जानकारी की माने तो 10वीं में 70% अंक हासिल करने वाले छात्रों को परीक्षा परिणाम 10% बोनस अंक दिए जाएंगे। वहीँ इससे ज्यादा अंक पाने वाले को 5 फीसद बोनस अंक बढ़ाकर दिए जाने का विचार किया जा रहा है। हालाकि मंत्री समूह की बैठक में इस बात पर अभी फैसला नहीं हो पाया है।

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वही मंत्री समूह द्वारा तैयार किए गए परीक्षा परिणाम के फार्मूले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) के पास भेजे जाएंगे। जिस पर अंतिम निर्णय CM Shivraj पर होगा। इसके लिए 28 जून को विशेष बैठक बुलाई गई है। जिसमें 12वीं के परीक्षा परिणाम तय किए जाएंगे।

MP Board 12वीं के परीक्षा परिणाम के फार्मूले पूर्ण रूप से तैयार हो गए थे लेकिन कॉमर्स (commerce) के विद्यार्थियों को किस आधार पर अंक दिया जाए। इसको लेकर अड़चन पैदा हो गई। कॉमर्स के अलावा भौतिक शास्त्र, राजनीति शास्त्र सहित अन्य वोकेशनल पाठ्यक्रम (vocational courses) पर बात की गई है। जिसके अंक इन परीक्षाओं के आधार बनाए जा सकते हैं।

इसके अलावा 10वीं के बेस्ट फाइव योजना भी समस्या बनी हुई है क्योंकि दसवीं के विद्यार्थी मूल विषय अंग्रेजी, विज्ञान और गणित विषय से बाहर है। ऐसी स्थिति में अब सरकार के सामने 10वीं के प्राप्त अंकों को आधार बनाकर परिणाम देने का यही विकल्प शेष रह जाता है।

इससे पहले MP Board द्वारा CBSE के फार्मूले को अपनाने से इंकार कर दिया गया था। इसमें कहा गया था कि 11वीं के परीक्षा परिणाम और 12वीं के तिमाही और छमाही के अंक ना होने की वजह से CBSE के फार्मूले को MP Board में लागू नहीं किया जा सकता। वहीं अब कॉमर्स विषय के छात्रों के परीक्षा परिणाम किस तरह से तय किए जाएंगे। इसमें पेंच फसता नजर आ रहा है।