MP Fights Corona : मम्मी-पापा ध्यान रखना, “बच्चों को यही वैक्सीन लगनी है”

बैठक को संबोधित करते हुए मोहम्मद सुलेमान ने सभी कलेक्टरों को इसका पालन करने के लिए साफ तौर पर निर्देश दिए।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। देश की तरह मध्यप्रदेश (MP) में भी सोमवार से 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को Corona वैक्सीन (vaccine) लगना शुरू हो रहा है। सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि हर हाल में बच्चों को केवल कोवैक्सीन (covaxin) ही लगाई जाएगी।

मुख्यमंत्री द्वारा कोरोना समीक्षा बैठक के दौरान मध्य प्रदेश के अपर मुख्य आयुक्त स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने निर्देश दिए हैं कि बच्चों को केवल कोवैक्सीन लगाई जाएगी। किसी भी हालत में बच्चों को कोवशील्ड (covishield) नहीं लगाई जाएगी क्योंकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। बैठक को संबोधित करते हुए मोहम्मद सुलेमान ने सभी कलेक्टरों को इसका पालन करने के लिए साफ तौर पर निर्देश दिए।

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सुलेमान ने यह भी बताया कि हर हाल में कल 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों के लिए 12लाख वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा गया है। बच्चों को ही टीका लगना सुनिश्चित हो सके, इसके लिए बच्चों का टीकाकरण केवल सरकारी और निजी स्कूलों में ही किया जा रहा है। सरकार के पास जो ऑकङे में है उसके अनुसार मध्य प्रदेश में 15 से 18 आयु वर्ग के लगभग 48 लाख बच्चे हैं जिन्हें वैक्सीनेशन होना है।

बता दें कि इससे पहले 25 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी घोषणा करते हुए देश भर के 15 से 18 वर्षीय बच्चों के वैक्सीनेशन की बड़ी घोषणा की थी। पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा था कि 1 जनवरी 2022 से 15 से 18 वर्ष के बच्चों के वैक्सीनेशन के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं 3 जनवरी से देशभर में बच्चों के टीकाकरण का अभियान शुरू होगा।

वही सीएम शिवराज ने भी प्रदेश की जनता से अपील की है कि बच्चों के Vaccination की प्रक्रिया को पूरा किया जाए ताकि तीसरी लहर की संभावना को पूरी तरह से नष्ट किया जाए। सीएम शिवराज ने कहा कि Cowin पोर्टल पर बच्चों के वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं 3 जनवरी से सभी स्कूलों सहित पंचायत एवं वार्डों में बच्चों के वैक्सीन की व्यवस्था की जाएगी। 3 जनवरी से बच्चों को वैक्सिनेट करने के अलावा प्रदेश सरकार ने कुछ आंशिक प्रतिबंधों की भी तैयारी की है।

इसके अलावा बड़े स्तर पर लोगों के टेस्ट किए जा रहे हैं। स्कूलों को 50% क्षमता के साथ खोलने पर भी सहमति बनी है। वहीं स्कूलों से परीक्षा पास कर निकल चुके छात्रों को भी वापस स्कूल में बुलाकर वैक्सिनेट किया जाएगा।