MP News: IAS को नोटिस, आखिर इस बातचीत में आपत्तिजनक क्या था!

प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आईएएस लोकेश कुमार जांगिड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस प्रमुख सचिव के साथ हुई बातचीत को सार्वजनिक करने के आरोप लगाते हुए किया गया है। हालांकि इस बातचीत में ऐसा कुछ आपत्तिजनक नहीं दिखता।

भोपाल,  डेस्क रिपोर्ट। पिछले तीन दिनों से मध्यप्रदेश में प्रशासनिक कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े करके हलचल मचाए हुए युवा IAS लोकेश कुमार जांगिड़ (Lokesh Kumar Jangid) को प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग (Department of General Adminstration) ने कारण बताओ नोटिस (so cause notice) जारी किया है। अपर सचिव फजल मोहम्मद के हस्ताक्षर से जारी इस नोटिस में उनसे सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ सिविल सेवा आचरण अधिनियम के विरुद्ध कार्य करने के तहत कार्यवाही की जाए।

प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आईएएस लोकेश कुमार जांगिड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस प्रमुख सचिव के साथ हुई बातचीत को सार्वजनिक करने के आरोप लगाते हुए किया गया है। हालांकि इस बातचीत में ऐसा कुछ आपत्तिजनक नहीं दिखता।

उन पर आरोप लगाया गया है कि बड़वानी के अपर कलेक्टर पद से हटाए जाने की सूचना जब उन्हें विभाग की प्रमुख सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने मोबाइल फोन से दी तो उन्होंने उस बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया और सार्वजनिक कर दिया। हालांकि इस बातचीत में ऐसा कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। जिसे सार्वजनिक होने से भी कोई नुकसान हो।

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एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ के पास उस टेलिफोनिक वार्ता की ट्रांसक्रिप्ट मौजूद है..

दीप्ति गौड़ मुखर्जी…. हेलो
लोकेश कुमार जांगिड़… गुड आफ्टरनून मैम
दीप्ति गौड़ मुखर्जी… हां गुड आफ्टरनून लोकेश। तुम्हारा वाला मैटर अभी है स्टेटस अंडर प्रोसेस ओनली।
लोकेश कुमार जांगिड़… ठीक है मैम
दीप्ति गौड़ मुखर्जी… दूसरा, यू हैव बीन ट्रांसफरड बैक टू राज शिक्षा केंद्र, ओके।
लोकेश कुमार जांगिड़..अ अ ओके।
दीप्ति गौड़ मुखर्जी…. जब आप आएंगे तो आपको बताएंगे हम लोग. ओके ठीक है ।
लोकेश कुमार जांगिड़…. ठीक है मैम।

यह एक बेहद सामान्य बातचीत है और इसमें किसी भी तरह का ऐसा वाक्य नहीं जो आपत्तिजनक हो। लोकेश कुमार जांगिड़ यह स्पष्ट कर चुके हैं कि यह पूरी बातचीत उन्होंने अपने चार आईएएस मित्रों को भेजी थी जिन्होंने यह पूछा था कि बड़वानी से इतनी जल्दी क्यों ट्रांसफर हो गया और सामान्य प्रशासन विभाग ने इस बारे में क्या कहा। जांगिड़ सात दिन के भीतर अपना जवाब सामान्य प्रशासन विभाग को देने के लिए तैयार हैं|