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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में पिछले दिनों कृषि बिलों (farm bill) के विरोध कांग्रेस (congress) ने राजभवन का घेराव किया था। जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े थे। इतना ही नहीं पुलिस द्वारा लाठीचार्ज भी किया गया था। इससे पहले पीसीसी चीफ कमलनाथ (kamalnath) ने कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं को राजभवन के घेराव में शामिल होने के निर्देश दिए थे। वहीं सूत्रों से आ रही खबर के मुताबिक कृषि कानूनों के विरोध में शामिल नहीं होने वाले कांग्रेसी नेताओं पर पार्टी कार्रवाई कर सकती है।

सूत्रों की माने तो प्रदर्शन से गैरहाजिर रहने वाले नेताओं और जिला अध्यक्षों की लिस्ट (list) तैयार की जा रही है। प्रदर्शन में शामिल नहीं रहने वाले सभी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। जानकारी के मुताबिक कृषि बिलों के विरोध में हो रहे प्रदर्शन में पार्टी द्वारा जिला अध्यक्षों को राजभवन का घेराव करने के निर्देश दिए गए थे। इसके साथ ही सभी नेताओं को घेराव में शामिल होने के लिए कहा गया था। जिसके बाद जो नेता, कार्यकर्ता और जिला अध्यक्ष इस प्रदर्शन से नदारद रहे उन पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। जिसके लिस्ट पार्टी प्रमुख द्वारा तैयार करवाई जा रही है।

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बता दें कि पिछले दिनों कृषि कानूनों के विरोध में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राजभवन का घेराव किया था। जहां कार्यकर्ताओं द्वारा स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया गया था। इसके साथ ही कमलनाथ के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसी राजभवन का घेराव करने पहुंचे लेकिन कांग्रेसियों को पुलिस ने बीच में ही रोक दिया था।

इसके साथ ही कांग्रेस ने ऐलान किया है कि जब तक किसानों के मुद्दे पर केंद्र सरकार कोई फैसला नहीं लेती है। तब तक वो अपना आंदोलन जारी रखेंगे। इससे पहले दिग्विजय सिंह (digvijay singh) सहित कई नेताओं ने लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की भी अपील की थी। कांग्रेस इस प्रदर्शन को सबसे बड़ा प्रदर्शन का रूप देना चाह रही थी। अब ऐसे में निर्देश के बाद भी प्रदर्शन से दूर रहने वाले कांग्रेसी नेताओं पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।