MP Promotion: डेढ़ लाख कर्मचारियों के लिए बड़ी तैयारी में शिवराज सरकार, जल्द मिलेगा प्रभार!

विधानसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई पर फैसला लिया जा सकता है।

MP Corona

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में शिवराज सरकार (shivraj government) कर्मचारियों को बड़ी राहत दे सकती है। इसके लिए मसौदा तैयार किया जा रहा है। सामान्य प्रशासन विभाग (Department of General Adminstration) द्वारा प्रमोशन प्रतिबंध (promotion ban) के कारण कर्मचारियों को उच्च पदों का प्रभार (MP Promotion) देने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि इससे पहले मध्य प्रदेश पुलिस डिपार्टमेंट (Madhya Pradesh Police Department) में पदोन्नति (Promotion) देने का काम शुरू किया जा चुका है।

सूत्रों की मानें तो करीब 1.5 लाख कर्मचारियों को उच्च पद का प्रभार दिया जाएगा। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मसौदा तैयार किया जा रहा है। वहीं इसके कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद जल्द ही आदेश जारी किए जा सकते है। इस मामले में मंत्री इंदर सिंह परमार (indar singh parmar) का कहना है कि बाद में किसी दिक्कत का सामना ना करना पड़े, इसीलिए अन्य बिंदुओं पर विचार करना आवश्यक है। मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्रमोशन पर प्रतिबंध के बाद कर्मचारियों को उच्च पदों पर प्रभार देने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले पुलिस डिपार्टमेंट में यह व्यवस्था शुरू की जा चुकी है।

Read More: आगामी चुनावों को लेकर मंथन तेज, BJP वरिष्ठों की आज महत्वपूर्ण बैठक

वहीं राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के पूर्व चेयरमैन ने बताया कि गृह विभाग में उच्च प्रभार वाले पदों पर प्रमोशन दिया जा रहा है। कई जिलों में पुलिस कर्मचारियों को पदोन्नत प्रभार देने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही इन नियमों में कर्मचारी को रिवर्ट (revert) करने का विकल्प भी रखा जाएगा। बता दे मध्यप्रदेश में 2016 से ही शासकीय कर्मचारियों को प्रमोशन देने का मामला सुप्रीम कोर्ट (supreme court) में विचाराधीन है। ऐसी स्थिति में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार को उन आदेशों पर भी अमल करना होगा। सरकार को पदोन्नत प्रभार दिए गए कर्मचारियों से प्रभार देकर वापस लेने का एक विकल्प रखना भी अनिवार्य है।

ज्ञात हो कि सन 2016 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्यप्रदेश में प्रमोशन प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। तब से लेकर अब तक यह मामला सुप्रीम कोर्ट के अंदर विचाराधीन है। विधानसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई पर फैसला लिया जा सकता है। वहीँ अब तक 50000 से अधिक शासकीय सेवक बिना प्रमोशन के रिटायर हो चुके हैं।

जिसके बाद दोबारा सत्ता में लौटी शिवराज सरकार (shivraj government) ने कर्मचारियों को पदोन्नति प्रभार देने की व्यवस्था शुरू की ताकि कर्मचारियों को उच्च पदों का लाभ मिल सके। वही सबसे पहले यह व्यवस्था पुलिस डिपार्टमेंट में शुरू की गई थी। जिसमें कई जिलों के कॉन्स्टेबल को हेड कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल को ASI, ASI को SI का पद देने के आदेश जारी किए गए थे।