MPPSC की मुख्य परीक्षा रविवार से, छात्रों में भारी आक्रोश, ट्विटर पर निकाल रहे भड़ास

डेस्क रिपोर्ट, भोपाल | मध्य प्रदेश MPPSC राज्य लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा 21 मार्च से 26 मार्च तक आयोजित की जा रही है। रविवार को होने वाली इस परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राओं में भारी आक्रोश है क्योंकि राज्य सरकार द्वारा रविवार को तीन प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर और जबलपुर में लॉकडाउन लगा दिया गया है। परीक्षार्थी ट्विटर पर जमकर भड़ास निकाल रहे हैं।

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 शुक्रवार को जब प्रदेश के तीन बड़े शहरों में बढते कोरोना (corona) संक्रमण के चलते लॉकडाउन (Lockdown) लगाने की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (chief minister shivraj singh chauhan) ने की तो एमपीपीएससी (MPPSC) परीक्षा देने वाले परीक्षार्थीयो को लगा कि शायद उनकी परीक्षा भी निरस्त कर दी जाएगी। दरअसल परीक्षार्थीयो की इस आशा की वजह यह भी थी कि पीएसी के आरक्षण (reservation) का मामला उच्च न्यायालय (highcourt) में लंबित है और मामला लंबित होने के चलते अभी यह निर्णय नहीं हो पाया है कि जो परीक्षार्थी इस परीक्षा को पास कर लेंगे उन्हें किस प्रकार से इस  भर्ती के योग्य माना जाएगा। लेकिन लॉकडाउन से संबंधित मामले में थोड़ी देर बाद ही पीएससी का स्पष्टीकरण आ गया। गृह मंत्रालय (home ministry) ने भी अपने आदेश में साफ तौर पर कह दिया कि प्रतियोगी परीक्षाओं पर लॉकडाउन का कोई असर नहीं पड़ेगा यानी पीएसी की रविवार को होने वाली परीक्षा तय समय पर ही होगी।

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जैसे ही जनसंपर्क विभाग इंदौर के ट्विट पर यह जानकारी आई, परीक्षार्थी जमकर अपनी भङास निकालने लगे। एक परीक्षार्थी ने लिखा कि ‘परीक्षा हॉल में जाने से पहले बीच में जब पुलिस मारेगी तो उसका क्या करोगे?’ एक अन्य परीक्षार्थी ने लिखा कि ‘पूरे देश को पता है कि लॉकडाउन में ना बस चलती है ना ऑटो। अगर सभी पर निजी वाहन होते तो परीक्षा ही क्यों देते।’ एक परीक्षार्थी ने लिखा कि ‘जब एमपी पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा रद्द की गई तो यह परीक्षा क्यों हो रही है?’ एक परीक्षार्थी ने सवाल किया कि ‘जो बाहर से आ रहे हैं, उनके खाने और रहने की क्या व्यवस्था है।’ हालांकि इस बीच इंदौर के कलेक्टर (collector) का बयान आया कि परीक्षार्थी बिना किसी रोक-टोक के वाहन या सार्वजनिक वाहन से परीक्षा केंद्र तक अपने पालकों के साथ पहुंच सकते हैं। लेकिन सवाल यही है कि आखिरकार लॉक डाउन का माहौल सब ने देखा है। एक तरफ जहां पुलिस पर लॉकडाउन लागू कराने की जिम्मेदारी रहती है और अतिरिक्त दबाव रहता है तो ऐसे में परीक्षार्थियों के साथ व्यवहार में किसी तरह की गड़बड़ ना होगी, यह कैसे कहा जा सकता है। दूसरा यह भी कि परीक्षार्थी जो बाहर से आएंगे आखिरकार वह किस वाहन से वहां पहुंच पाएंगे क्योंकि बस सेवा पर तो पाबंदी रहेगी। कुल मिलाकर जीवन की इस महत्वपूर्ण परीक्षा के प्रति साफ तौर पर पीएसी की लापरवाही नजर आती है।