भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। वैक्सीनेशन मे मध्य प्रदेश के देशभर में रिकॉर्ड बनाने पर कांग्रेस की आपत्ति को लेकर गृह एवं जेल मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (Narottam) ने कांग्रेस पर तंज कसा है। उन्होंने एक कहानी के माध्यम से कांग्रेस (congress) की हर जन हितेषी मुद्दे नकारात्मकता को बयां किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैक्सीनेशन महाअभियान (vaccination campaign) में मध्यप्रदेश ने अव्वल स्थान हासिल किया। प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा Vaccine लगाए गए जो देश के किसी भी राज्य से काफी ज्यादा है। लेकिन अब इस पर भी राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि वैक्सीनेशन के इस कार्यक्रम के लिए चार दिन पहले से ही वैक्सीनेशन की गति धीमी कर दी गई थी और 21 जून के बाद यानी 22 जून को केवल 4000 वैक्सीन लगे यानी राज्य सरकार ने एक रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए यह सारा प्रोप्रोगंडा रचा।

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इतना ही नहीं कांग्रेस ने तो वैक्सीनेशन के आंकड़ों को भी कटघरे में खड़ा किया। कांग्रेस की इस बयानबाजी पर प्रदेश के गृह एवं जेल मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि नकारात्मकता कांग्रेस के स्वभाव में बस गई है और उसे तो केवल आलोचना ही करना है चाहे काम कितना भी अच्छा हो। इस बारे में नरोत्तम ने एक कहानी सुनाई जिसमें एक व्यक्ति हमेशा असंतुष्ट ही रहता है भले ही उसके मन का काम हो ही क्यों न जाए। नरोत्तम ने यह भी कहा कि अब प्रदेश तीसरी लहर से निपटने के लिए भी पूरी तरह से तैयार है और जिस तरह से प्रदेश में वैक्सीनेशन चल रहा है।

अब वह दिन दूर नहीं जब हमको रोनाको जड़ से समाप्त कर देंगे। नरोत्तम ने कहा कि यह सरकार के प्रयासों का ही फल है कि आज प्रदेश भर में संक्रमण की दर लगभग शून्य के करीब पहुंच गई है और कई जिलों में तो एक भी मरीज अब कोरोना पॉजिटिव नहीं मिल रहा है। सामूहिक वैक्सीनेशन जैसे अभियान ही कोरोना को जड़मूल से समाप्त कर सकते हैं और इसीलिए हर व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह न केवल खुद वैक्सीन लगवाए बल्कि अपने साथियों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

इधर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्य प्रदेश के टीकाकरण अभियान को लेकर असंतोष जताया है दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के टीकाकरण अभियान में बड़ी धांधली सामने आई है 1 दिन में 17 लाख टीके लगते हैं लेकिन उनके अगले ही दिन पिछले केवल 100 टीके लगते हैं। सरकार को इस बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि यह करोड़ों लोगों के जीवन का सवाल है। इसलिए इस मामले में पारदर्शिता जरूरी है।