नरोत्तम का तंज- सज्जन वर्मा का कंधा इस्तेमाल कर Kamalnath ने चलाई अरुण यादव पर गोली

नरोत्तम ने अरुण यादव को पिछड़ा वर्ग का कांग्रेस का एक सशक्त नेता बताते हुए उनके स्वर्गीय पिता सुभाष यादव (subhash yadav) के सहकारिता के क्षेत्र में की गई कामों को बताते हुए कहा दरअसल कमलनाथ अब खुद पिछड़ों के विरोधी हैं

भोपाल, हरप्रीत कौर रीन। पूर्व मंत्री और कांग्रेस के विधायक सज्जन वर्मा (sajjan verma) द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव (arun yadav) के ऊपर की गई टिप्पणी पर गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) ने तंज कसा है। उन्होंने इसे कमलनाथ (kamalnath) द्वारा सज्जन वर्मा की आड़ में अरुण यादव पर किया गया वार बताते हुए कांग्रेस से सवाल पूछे हैं।

उपचुनाव की बैठक से गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी। दरअसल लंबे समय से कमलनाथ और अरुण यादव के बीच शीत युद्ध की स्थिति बनी है। अरुण यादव को खंडवा लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस का प्रबल दावेदार बताया जा रहा है वहीं दूसरी ओर बैठक से उनका नदारद रहना कुछ और समीकरण बता रहा है। जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन वर्मा से इस बारे में सवाल पूछा गया कि क्या अरुण यादव सीधे राहुल गांधी (rahul gandhi) से टिकट ले आएंगे? तो तो सज्जन वर्मा का जवाब था कि टिकट तो मुकुल वासनिक (mukul wasnik) और कमलनाथ ही देंगे। राहुल गांधी तो सिर्फ टिकट के प्रिंट पर मोहर लगाएंगे।

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इतना ही नहीं सज्जन सिंह वर्मा ने अरुण यादव के बारे में कह दिया कि वे खेती कर रहे होंगे। उनकी 1000 एकड़ से ज्यादा जमीन है और उनके पास निजी कॉलेज भी हैं जबकि घोषित रूप से अरुण यादव के पास कुल लगभग 60 एकड़ जमीन है। कांग्रेस (congress) के भीतर मचे घमासान के बीच गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने चुटकी ली है। उनका कहना है कि दरअसल सज्जन वर्मा के कंधे पर रखकर अरुण यादव पर बंदूक कमलनाथ ने चलाई है।

जिस व्यक्ति ने चुनाव आयोग के सामने अपनी घोषित जमीन 60 एकड़ बताई हो उसे 1000 एकड़ से ज्यादा का स्वामी बता देना क्या उसे भूमाफिया बताना नहीं है और अब यह सब भी हो गया है कि भूमाफिया किस पार्टी में है। नरोत्तम ने अरुण यादव को पिछड़ा वर्ग का कांग्रेस का एक सशक्त नेता बताते हुए उनके स्वर्गीय पिता सुभाष यादव (subhash yadav) के सहकारिता के क्षेत्र में की गई कामों को बताते हुए कहा दरअसल कमलनाथ अब खुद पिछड़ों के विरोधी हैं और अरुण यादव की उपेक्षा कर उन्होंने यह साबित कर दिया है।