Corona Alert: MP के इन जिलों में 14 मार्च से लगेगा नाइट कर्फ्यू! CM ने दिए संकेत

राज्य स्तर पर कोरोना संक्रमण एवं रोकथाम के लिए नियुक्त प्रभारी अधिकारी अपने प्रभार के जिलों में सतत् संपर्क बनाकर रखें। और उचित मार्गदर्शन देते रहें।

भारत

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।मध्य प्रदेश (MP) में लगातार बढ़ रहे कोरोना (Corona) के आंकड़ों को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chouhan) का बड़ा बयान सामने आया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि  भोपाल (Bhopal) और इंदौर जिले (Indore) में रविवार या सोमवार से नाईट कर्फ्यू (Night curfew) लगाया जा सकता है, दोनों शहरों में 14-15 मार्च से नाइट कर्फ्यू लगाने पर विचार किया जाए। वही उन्होने  इन दोनों जिलों में सभा कक्ष में होने वाले आयोजनों में क्षमता से आधे लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

यह भी पढ़े.. Coronavirus: MP में कोरोना ने पकड़ी रफ्तार, इन जिलों में हालात गंभीर, लग सकता है नाइट कर्फ्यू

आज मंत्रालय में कोरोना (corona) को लेकर बुलाई गई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण प्रदेश में बढ़ रहा है, जो चिंता की बात है। कोरोना संक्रमण को हर हाल में नियंत्रित कर रोकना है। इसके लिए सभी उपाय किए जाएँ। जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। कोरोना संक्रमण दर बढ़ती है तो सख्त कदम भी उठाए जाएंगे।

यह भी पढ़े.. शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान-MP में जल्द शुरु होगी यह योजना, मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह  ने कहा कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित महाराष्ट्र (maharashtra) की सीमा से लगे जिलों में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) को रोकने विशेष सतर्कता बरती जाए। महाराष्ट्र से आने वाले वायुयान, ट्रेनों (TRAIN) और बसों (BUS) में आने वाले यात्रियों की थर्मल जाँच की जाए और रोको-टोको अभियान के अंतर्गत मास्क और अन्य उपायों के लिए प्रेरित किया जाए। महाराष्ट्र से होने वाले आवागमन को सीमित करने के संबंध में भी बैठक में विचार किया गया।

दुकानदार रस्सी लगाएं, ग्राहकों से दो गज की दूरी

मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर सहित महाराष्ट्र की सीमा से लगे जिलों और 10 से अधिक कोरोना संक्रमण के प्रकरणों वाले जिलों में दुकानदारों को अपनी दुकान में कोरोना से बचाव के सभी सुरक्षात्मक उपाय करने होंगे। दुकान के सामने रस्सी लगाई जाए। दुकान पर आने वाले ग्राहकों के मध्य पर्याप्त दूरी रखी जाए। ग्राहकों को सैनिटाइजर का उपयोग करने और मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। जो दुकानदार इन सुरक्षा उपायों का पालन नहीं करेंगे उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाए।

अधिकारी जिलों में संपर्क बनाएं रखें

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि त्यौहार में अन्य प्रदेशों से मध्यप्रदेश के लिए श्रमिकों का आना शुरू हो गया है। श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाए। सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं और निर्देश दिए कि अधिक कोरोना संक्रमण वाले जिलों में कोविड कमांड सेंटरों को सक्रिय रखा जाए और पर्याप्त चिकित्सकों की सेवाएँ दी जाएं।राज्य स्तर पर कोरोना संक्रमण एवं रोकथाम के लिए नियुक्त प्रभारी अधिकारी अपने प्रभार के जिलों में सतत् संपर्क बनाकर रखें। और उचित मार्गदर्शन देते रहें।

वैक्सीन का दूसरा डोज लगवाएं

मुख्यमंत्री चौहान ने कोरोना (Corona) संक्रमण से पीड़ित मरीजों के इलाज की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों, वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखे गए मरीजों के संबंध में जानकारी ली।गंभीर कोरोना मरीज की मृत्यु नहीं होने पाए। इसके लिए हरसंभव चिकित्सा उपाय किए जाएं। पात्र व्यक्तियों को कोरोना की वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया जाए। पहला वैक्सीन डोज लगने के 28 दिन बाद अनिवार्य रूप से दूसरा वैक्सीन डोज लगे, यह सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को सूचित भी किया जाए।

MP में अबतक के आंकड़े

बता दे कि आज इंदौर में 219, और भोपाल में 138 कोरोना (Corona) के नए प्रकरण आए हैं। इसी तरह जबलपुर में 26, ग्वालियर में 25, छिंदवाड़ा में 19, बुरहानपुर में 16, खरगोन में 16, रतलाम में 15, उज्जैन में 15, बैतूल में 13, सागर में 11, रीवा में 10 और खंडवा में 9 प्रकरण दर्ज हुए हैं। प्रदेश में कोरोना से संक्रमित 603 नए व्यक्ति मिले हैं। प्रदेश में एक्टिव प्रकरणों की संख्या 4094 है। गत 7 दिनों मे औसत प्रतिदिन 490 कोरोना संक्रमित प्रकरण संख्या दर्ज की गई है। औसत रिकवरी दर 96.7 प्रतिशत है।

अबतक इतनों को लग चुकी है वैक्सीन

गौरतलब है कि प्रदेश में टीकाकरण (Vaccination के लिए पंजीकृत व्यक्तियों के विरुद्ध 95 प्रतिशत व्यक्तियों को वैक्सीन की पहली Mkstडोज दी जा चुकी है। इस कार्य में प्रदेश की स्थिति देश में दूसरे नंबर पर है। प्रदेश में 3 लाख 72 हजार 794 हेल्थ केयर वर्कर को वैक्सीन (Vaccine) की प्रथम डोज, 2 लाख 51 हजार 887 हेल्थ केयर वर्कर को वैक्सीन की दूसरी डोज, 3 लाख 12 हजार 964 फ्रंटलाइन वर्कर को पहली डोज, 30 हजार 577 फ्रंटलाइन वर्कर को दूसरी डोज, 45 से 59 वर्ष के गंभीर बीमारी से पीड़ित 37 हजार 196 व्यक्तियों और 60 वर्ष से अधिक आयु के 2 लाख 82 हजार 933 लोगों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है।